शांति स्वरुप भटनागर

शांति स्वरुप भटनागर पुरस्कार 2019

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित काय्रक्रम के दौरान शांति स्वरुप भटनागर पुरस्कार 2019 प्रदान किये। यह पुरस्कार वैज्ञानिक व औद्योगिक अनुसन्धान परिषद् (CSIR) के 78वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदान किये गये।

विजेता

जीवविज्ञान : डॉ. कायरत साईं कृष्णन (भारतीय विज्ञान, शिक्षा व अनुसन्धान परिषद्, पुणे), डॉ सौमेन बसक (राष्ट्रीय इम्म्युनोलोजी संस्थान, नई दिल्ली)

रसायन विज्ञान : डॉ. राघवन बी. सुनोज (IIT बॉम्बे), डॉ. तपस कुमार माजी (जवाहरलाल नेहरु एडवांस्ड वैज्ञानिक अनुसन्धान केंद्र, बंगलुरु)।

पृथ्वी, वायुमंडल, महासागर व ग्रहीय विज्ञान : डॉ. सुबिमल घोष (IIT बॉम्बे) ।

इंजीनियरिंग विज्ञान : मानिक वर्मा (माइक्रोसॉफ्ट रिसर्च इंडिया, बंगलुरु)।

गणित : डॉ. धीरज कुमार (जेनेटिक इंजीनियरिंग व बायोटेक्नोलॉजी के लिए अंतर्राष्ट्रीय केंद्र, नई दिल्ली), डॉ मोहम्मद जावेल अली (LV प्रसाद नेत्र संस्थान, हैदराबाद)।

भौतिक विज्ञान : डॉ. अनिन्दा सिन्हा (IISc बंगलुरु), डॉ. शंकर घोष (TIFR,मुंबई)

शांति स्वरुप भटनागर पुरस्कार

विज्ञान व तकनीक के लिए शांति स्वरुप भटनागर पुरस्कार की स्थापना 1957 में की गयी थी। इस पुरस्कार की स्थापना वैज्ञानिक व औद्योगिक अनुसन्धान परिषद् (CSIR) के संस्थापक निदेशक डॉ. शांति स्वरुप भटनागर की स्मृति में की गयी थी। यह पुरस्कार युवा वैज्ञानिकों तथा इंजिनियरों को उनके अनुसन्धान व विकास कार्य के लिए प्रदान दिया जाता है।

यह पुरस्कार प्रतिवर्ष वैज्ञानिक व औद्योगिक अनुसन्धान परिषद् (CSIR) द्वारा प्रदान किया जाता है। इस पुरस्कार में एक प्रशस्ति पत्र, प्लाक तथा पांच लाख रुपये प्रदान किये जाते हैं।  यह पुरस्कार जीव विज्ञानं, रसायन विज्ञान, मेडिकल साइंस, भौतिक विज्ञान, गणित, इंजीनियरिंग , वायुमंडल, महासागर तथा ग्रहीय विज्ञान के क्षेत्र में प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार 45 वर्ष से कम आयु के वैज्ञानिक अथवा इंजिनियर को शोधकार्य के लिए दिया जाता है।

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शांति स्वरुप भटनागर पुरस्कार प्रदान किये

हाल ही में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2016, 2017 तथा 2018 के लिए शांति स्वरुप भटनागर पुरस्कार प्रदान किये। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में वैज्ञानिकों को चौथी औद्योगिक क्रांति का लाभ उठाने का आवाहन किया तथा भारत को  विनिर्माण तथा टेक्नोलॉजी बेस्ड उद्योग का हब बनाने के लिए तकनीकें विकसित करने का आवाहन किया।

एम्स बंगलुरु के डॉ. ऋषिकेश नारायण, टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ़ फंडामेंटल रिसर्च के डॉ अमलेंदु कृष्णा समेत 11 वैज्ञानिकों को शांति स्वरुप भटनागर पुरस्कार 2016 से सम्मानित किया गया।

जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय दिल्ली के डॉ. दीपक गौर तथा विक्रम साराभाई अन्तरिक्ष केंद्र के डॉ. एस. सुरेश बाबु समेत 10  वैज्ञानिकों को शांति स्वरुप भटनागर पुरस्कार 2017 से सम्मानित किया गया।

IIT दिल्ली के डॉ. अमित कुमार तथा IIT कानपूर के डॉ. नितिन सक्सेना  समेत 13  वैज्ञानिकों को शांति स्वरुप भटनागर पुरस्कार 2017 से सम्मानित किया गया।

शांति स्वरुप भटनागर पुरस्कार

विज्ञान व तकनीक के लिए शांति स्वरुप भटनागर पुरस्कार की स्थापना 1957 में की गयी थी। इस पुरस्कार की स्थापना वैज्ञानिक व औद्योगिक अनुसन्धान परिषद् (CSIR) के संस्थापक निदेशक डॉ. शांति स्वरुप भटनागर की स्मृति में की गयी थी। यह पुरस्कार युवा वैज्ञानिकों तथा इंजिनियरों को उनके अनुसन्धान व विकास कार्य के लिए प्रदान दिया जाता है।

यह पुरस्कार प्रतिवर्ष वैज्ञानिक व औद्योगिक अनुसन्धान परिषद् (CSIR) द्वारा प्रदान किया जाता है। इस पुरस्कार में एक प्रशस्ति पत्र, प्लाक तथा पांच लाख रुपये प्रदान किये जाते हैं।  यह पुरस्कार जीव विज्ञानं, रसायन विज्ञान, मेडिकल साइंस, भौतिक विज्ञान, गणित, इंजीनियरिंग , वायुमंडल, महासागर तथा ग्रहीय विज्ञान के क्षेत्र में प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार 45 वर्ष से कम आयु के वैज्ञानिक अथवा इंजिनियर को शोधकार्य के लिए दिया जाता है।

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