संसद

ग्रेच्युटी भुगतान संशोधन विधेयक 2018 संसद में पारित हुआ |

ग्रेच्युटी भुगतान संशोधन विधेयक 2018 को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। इस विधेयक को लोकसभा पहले ही पारित कर चुकी है और राष्ट्रपति से मंजूरी के बाद ये कानून बन जाएगा। विधेयक में निजी क्षेत्र और सरकार के अधीन सार्वजनिक उपक्रमों या स्वायत्त संगठनों के कर्मचारियों की ग्रेच्यटी की अधिकतम सीमा में वृद्धि का प्रावधान है।

मुख्य तथ्य

– केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों के लिये ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद 10 लाख रूपये से बढाकर 20 लाख रूपये कर दिया गया है । सरकार ने निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के मामले में भी महंगाई और वेतन वृद्धि पर विचार करके इसकी सीमा बढायी है।
-विधेयक से उन महिला कर्मचारियों को भी लाभ मिलेगा जो 26 हफ्ते के प्रसूति अवकाश का लाभ उठाती है । चूंकि सरकार ने अब प्रसूति अवकाश की सीमा 12 हफ्ते से बढाकर 26 हफ्ते कर दी है इसलिए अब नए विधेयक में ये प्रावधान है कि ये 26 हफ्ते भी सेवा काल में ही जुडेंगे ।

क्या है ग्रेच्युटी

ग्रेच्युटी उन कर्मचारियों को मिलती है, जो किसी कंपनी में 5 साल या उससे ज्यादा समय के लिए अपनी सेवा देते हैं। उन्हें ग्रेच्युटी नौकरी छोड़ने पर या फिर रिटायरमेंट के समय पर दी जाती है और इस पर कोई टैक्स नहीं लगता है।

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