संसद

लोकसभा को अनिश्चित काल के लिए स्थगित किया गया

17वीं लोकसभा के पहले सत्र को अनिश्चित काल के लिए स्थगित किया गया है, इस सत्र में 99% सरकारी कामकाज संपन्न हुआ। हालांकि 17वीं लोकसभा का बजट सत्र 26 जुलाई को समाप्त होना था, परन्तु बाद में इसे बढ़ाकर 7 अगस्त तक कर दिया गया।

मुख्य बिंदु

सत्र के समापन के दौरान स्पीकर महोदय ने इस सत्र को 1952 के बाद का सबसे उत्पादक सत्र कहा। इस सत्र में सदन में 36 बिल पास किये ज्ञ, यह 1952 में पास किये गये बिल की संख्या से अधिक है। इस सत्र में 280 घंटे तक कार्य किया गया। इस दौरान सदन की उत्पादकता 125% रही।

इस सत्र के दौरान 183 तारांकित प्रश्नों का उत्तर मौखिक रूप से दिया गया। सत्र के दौरान 1,066 महत्वपूर्ण विषयों की उठाया गया, नियम 377 के तहत 488 मुद्दे उठाये गये।

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संसद ने पारित किया सूचना का अधिकार (संशोधन) बिल, 2019

संसद ने सूचना का अधिकार (संशोधन) बिल, 2019 पारित कर दिया है, लोकसभा में इस बिल के पक्ष में 218 मत पड़े जबकि इसके विरोध में 79 मत पड़े। अब इस बिल को राज्यसभा ने भी पारित कर दिया है, राज्यसभा में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, DMK, RJD, AAP इत्यादि ने वाकआउट किया। विपक्ष इस बिल को सेलेक्ट समिति को भेजने की मांग कर रहा था।

मुख्य बिंदु

इस बिल के द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 में कुछ एक व्यवस्थाओं में संशोधन किया जायेगा। इस बिल के द्वारा केंद्र सरकार को मुख्य सूचना आयुक्त तथा सूचना आयुक्त के कार्यकाल, वेतन व भत्ते तथा सेवा के नियम व शर्तों में निर्णय लेने की शक्ति प्रदान की जायेगी।

बिल की विशेषताएं

सेवा के नियम व शर्तें : इस बिल के द्वारा केंद्र सरकार को मुख्य सूचना आयुक्त तथा सूचना आयुक्तों के कार्यकाल पर निर्णय  करने की शक्ति मिलेगी। सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अनुसार केन्द्रीय स्तर पर मुख्य सूचना आयुक्त तथा राज्य स्तर पर सूचना आयुक्तों का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है।

वेतन : इस बिल के मुताबिक मुख्य सूचना आयुक्त तथा सूचना आयुक्तों के वेतन व भत्ते केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किये जायेंगे। सूचना का अधिकार अधिनियम के अनुसार मुख्य सूचना आयुक्त तथा सूचना आयुक्तों को दिया जाने वाला वेतन मुख्य चुनाव तथा चुनाव आयुक्तों के समान होगा।

वेतन में कटौती : सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अनुसार मुख्य सूचना आयुक्त तथा सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के समय यदि वे पूर्व में की गयी सरकारी सेवा के लिए पेंशन अथवा अन्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं, तो उनके वेतन में पेंशन के बराबर की राशि कमी की जायेगी। सूचना का अधिकारी (संशोधन) बिल, 2019 के द्वारा इस प्रावधान को हटाया जायेगा।

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