सऊदी अरब

भारत-सऊदी अरब द्विपक्षीय बैठक

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की भारत यात्रा के दौरान भारत और सऊदी अरब के बीच द्विपक्षीय वार्ता का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा सऊदी अरब के प्रिंस सलमान के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं :

  • दोनों देशों ने उग्रवाद तथा आतंकवाद को सभी देशों को खतरा बताया तथा किसी विशेष धर्म, संस्कृत अथवा नस्ल से इसे जोड़ने को गलत ठहराया।
  • संयुक्त वक्तव्य में पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा गया कि आतंकवाद का उपयोग राष्ट्रीय नीति के औज़ार के रूप में नहीं किया जाना चाहिए।
  • इस वक्तव्य में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के स्तर की व्यापाक सुरक्षा वार्ता तथा आतंकवाद को रोकने के लिए संयुक्त वर्किंग ग्रुप की स्थापना की बात कही गयी है।
  • सऊदी अरब ने भारत की कच्चे तेल व पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए प्रतिबद्धता ज़ाहिर की।
  • सऊदी अरब ने भारत के हज कोटा में 25,000 की वृद्धि की। अब भारत का हज कोटा बढ़कर 2 लाख तक पहुँच गया है।
  • सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 2016 की सऊदी अरब यात्रा के बाद सऊदी अरब भारत में अब तक 44 अरब डॉलर  का निवेश कर चुका है। आने वाले समय में भारत में उर्जा, पेट्रोकेमिकल तथा विनिर्माण क्षेत्र में 100 अरब डॉलर का निवेश किया जा सकता है।

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों पर आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , , , , ,

सऊदी अरब बना अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन का सदस्य

सऊदी अरब ने हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन पर हस्ताक्षर किये, इसके साथ ही सऊदी अरब अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन पर हस्ताक्षर करने वाला 73वां देश बन गया है। दरअसल इन दिनों सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान भारत की यात्रा पर आये हैं।

अंतर्राष्ट्रीय सोलर गठबंधन (International Solar Alliance)

अंतर्राष्ट्रीय सोलर गठबंधन की शुरुआत भारत और फ्रांस ने मिलकर नवम्बर 2015 में COP 21 संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन के दौरान की थी। इसका फ्रेमवर्क समझौता दिसम्बर, 2017 में लागू हुआ था। इसका स्थापना दिवस 11 मार्च, 2018 को मनाया गया था। इसका मुख्यालय हरियाणा के गुरुग्राम में राष्ट्रीय सौर उर्जा संस्थान (NISE) में स्थित है। यह ऐसी पहली अंतर्राष्ट्रीय अंतरसरकारी संधि है जिसका मुख्यालय भारत में स्थित है।

ISA का उद्देश्य सौर उर्जा से परिपूर्ण देशों को एकजुट करके सौर उर्जा उत्पादन को बढ़ावा देना है। बड़ी मात्रा में सौर उर्जा उत्पादन के कारण इसकी उत्पादन लागत भी कम आएगी। सौर उर्जा उत्पादन के सदस्य देशों में अनुसन्धान व विकास कार्य में मिलकर काम करेंगे।

ISA के उद्देश्य

संयुक्त प्रयासों से सौर उर्जा उत्पादन के लिए आवश्यक उपकरण व तकनीक की लागत कम करना।

2030 तक वृहत स्तर पर सौर उर्जा उत्पादन के लिए 1000 अरब डॉलर का निवेश करना।

कर्क रेखा व मकर रेखा के बीच 121 अधिक सूर्य ताप प्राप्त करने वाले देशों को सौर उर्जा उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करना।

ISA द्वारा चलाये जा रहे प्रोग्राम

ISA द्वारा चलाये जा रहे कुछ प्रोग्राम हैं – स्केलिंग सोलर मिनी ग्रिड्स; अफोर्डेबल फाइनेंस एट स्केल; स्केलिंग सोलर एप्लीकेशन्स फॉर एग्रीकल्चरल यूज़; स्केलिंग सोलर रूफटॉप इत्यादि।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , , , , ,

Advertisement