सिंगल यूज़ प्लास्टिक

दिल्ली एअरपोर्ट बना देश का पहला सिंगल-यूज़ प्लास्टिक मुक्त हवाईअड्डा

दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा भारत का पहला सिंगल-यूज़ प्लास्टिक मुक्त हवाईअड्डा बन गया है। इस हवाईअड्डे ने 2018 पर्यावरण दिवस के बाद सिंगल-यूज़ प्लास्टिक मुक्त बनने के लिए कार्य शुरू कर दिया था।

मख्य बिंदु

दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे में प्लास्टिक के स्थान पर ईको-फ्रेंडली विकल्पों का इस्तेमाल किया जाता है। यह ज़रूरी है क्योंकि यह देश के अग्रणी अवाई अड्डों में से एक है। प्रतिवर्ष 68.5 मिलियन यात्री दिल्ली हवाईअड्डे से सफ़र करते हैं।

महत्व

भारत ने 2022 तक सिंगल यूज़ प्लास्टिक के उपयोग को समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। इसमें प्लास्टिक कप, बैग, छोटी बोतलें, प्लेट, पाउच व स्ट्रॉ के उपयोग को कम करने का प्रयास किया जाएगा। इस कार्य के लिए स्वच्छ भारत मिशन का उपयोग किया जा रहा है।

भारत में प्रतिदिन 26,000 टन प्लास्टिक कचरा प्रतिदिन निकलता है, इसमें से अधिकतर प्लास्टिक कचरा लैंडफिल, गलियों व जल मार्गों में फ़ैल जाता है। विश्व में इस्तेमाल किये जाने वाले प्लास्टिक में 40% सिंगल यूज़ प्लास्टिक है। इसलिए सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के लिए कदम उठाना आवश्यक है।

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न्यूजीलैंड ने सिंगल-यूज़ प्लास्टिक शॉपिंग बैग पर प्रतिबन्ध लगाया

न्यूजीलैंड ने सिंगल-यूज़ प्लास्टिक शौपिंग बैग पर प्रतिबन्ध लगा दिया है, यह प्रतिबन्ध 1 जुलाई, 2019 से लागू हो गया है। इसका उल्लंघन करने वाली व्यापारिक इकाइयों पर जुर्माना लगाया जायेगा। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्य्रकम के अनुसार 80 से अधिक देशों ने इस तरह के प्रतिबन्ध लगाए हैं।

मुख्य बिंदु

इस प्रतिबन्ध के लिए विधेयक की घोषणा अगस्त, 2018 में की गयी थी, यह नियम 1 जुलाई, 2019 से लागू हो गया है। गौरतलब है कि न्यूजीलैंड की अधिकतर सुपरमार्केट ने पहले से ही प्लास्टिक शॉपिंग बैग का उपयोग बंद कर दिया है। यह नया प्रतिबन्ध सुपरमार्केट, स्टोर तथा रेस्टोरेंट इत्यादि पर लागू होगा।

इस नियम का पालन न करने वाली कंपनियों पर 67,000 अमेरिकी डॉलर का जुर्माना लगाया जा सकता है।

सिंगल-यूज़ प्लास्टिक शॉपिंग बैग

इस बैग की मोटाई 70 माइक्रोन से कम होती है। प्लास्टिक प्रदूषण एक वैश्विक समस्या बन चुकी है। प्रतिवर्ष आधा मिलियन पक्षी तथा 1 लाख से अधिक समुद्री जीवन प्लास्टिक के कारण चोटिल हो जाते हैं अथवा मर जाते हैं।

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