सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी

CIPET का नाम बदलकर सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी किया गया

सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी का नाम अब सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी रखा गया है। इस नाम परिवर्तन को तमिलनाडु सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1975 के तहत पंजीकृत किया गया था।

मुख्य बिंदु

CIPET का मुख्य उद्देश्य प्लास्टिक के विकास में योगदान देना है। यह शिक्षा और अनुसंधान कार्यक्रम पर भी केंद्रित है। यह संस्थान नवीन प्लास्टिक आधारित समाधानों पर ध्यान केंद्रित करेगा।

UNDP  (संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम)

CIPET संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम से सहायता प्राप्त करता है। UNDP के अलावा, CIPET को OPEC (पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ऑर्गनाइजेशन), वर्ल्ड बैंक और UNIDO (संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन) से भी सहायता प्राप्त होती है।

UNIDO

संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन की स्थापना 1966 में हुई थी। यह संयुक्त राष्ट्र की 15 विशिष्ट एजेंसियों में से एक है। UNIDO का उद्देश्य सतत विकास लक्ष्यों को पूरा करना है।

भारत में पेट्रोकेमिकल

पेट्रोकेमिकल उद्योग भारत में तेजी से बढ़ रहा है। पेट्रोकेमिकल उद्योग में चार मुख्य श्रेणियां हैं। इसमें पॉलिमर, इलास्टोमर्स, सिंथेटिक फाइबर और सर्फैक्टेंट इंटरमीडिएट शामिल हैं। मुंबई पेट्रोकेमिकल उद्योग का केंद्र है।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

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