सौर उर्जा

8वीं भारत-जर्मनी उर्जा फोरम

दिल्ली में 8वीं भारत-जर्मन उर्जा फोरम का आयोजन किया गया, इसका उद्देश्य उर्जा के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देना है। इस दौरान दोनों देशों ने विभिन्न क्षेत्रों में आठ समझौते पर हस्ताक्षर किये :

  • थर्मल पॉवर प्लांट्स
  • डिमांड-साइड एनर्जी
  • नवीकरणीय उर्जा
  • निम्न कार्बन विकास रणनीति
  • ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर

मुख्य बिंदु

  • इस फोरम में कोयले से चलने वाले पॉवर प्लांट्स तथा उर्जा दक्षता पर चर्चा की गयी।
  • 2015 में स्थापित इंडो-जर्मन सोलर पार्टनरशिप को इस फोरम में मान्यता प्रदान की गयी। फोरम में सौर उर्जा मार्केट्स के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किये गये।
  • फोरम में क्रेडिट लाइन्स के लिए भी समझौतों पर हस्ताक्षर किये गये।

इंडो-जर्मन एनर्जी फोरम

  • इस फोरम की स्थापना वर्ष 2006 में की गयी थी। इसका उद्देश्य वर्तमान समय में दोनों देशों में उर्जा परिवर्तन के दौर में सामरिक राजनीतिक वार्ता को मजबूती प्रदान करना है।
  • इस फोरम की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता दोनों देशों के पर्यावरण तथा नवीकरणीय उर्जा मंत्रियों द्वारा की जायेगी।
  • इस फोरम में दोनों देशों की सरकारें मौजूदा वैश्विक चुनौतियों पर विचार-विमर्श करती हैं।

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सरकार ने 2022 तक 40,000 मेगावाट रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट्स की स्थापना का लक्ष्य रखा

भारत सरकार ने 2022 तक 40,000 मेगावाट रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट्स की स्थापना का लक्ष्य रखा है, इसमें घर की छतों पर लगाए जाने सोलर पैनल भी शामिल है। दरअसल नवीन व नवीकरणीय उर्जा मंत्री आर.के. सिंह ने इन सन्दर्भ में राज्यसभा में जवाब दिया है।

मुख्य बिंदु

केन्द्रीय नवीन व नवीकरणीय उर्जा मंत्रालय द्वारा “ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर प्रोग्राम” का क्रियान्वयन किया जा रहा है।

भारत में रूफटॉप सोलर इंस्टालेशन : 18 जुलाई, 2019 तक भारत में 1700 मेगावाट के ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सिस्टम स्थापित किये जा चुके हैं। औसतन रूफटॉप सोलर प्लांट से 1.5 मिलियन यूनिट प्रति मेगावाट/वर्ष उर्जा का उत्पादन किया जा रहा है।

गुजरात मॉडल : रूफटॉप सोलर इंस्टालेशन में क्षेत्रफल के आधार पर गुजरात देशभर में पहले स्थान पर है, गुजरात में 261.97 मेगावाट रूफटॉप सौर उर्जा का उत्पादन किया जा रहा है। 261.97 मेगावाट में से 183.51 मेगावाट उर्जा का उत्पादन सब्सिडी से प्रदान किये गये उपकरणों से किया जा रहां है। गुजरात के बाद महाराष्ट्र में 198.52 मेगावाट तथा तमिलनाडु में 151.62 मेगावाट सौर उर्जा का उत्पादन रूफटॉप सोलर पैनल से किया जा रहा है।

ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर प्रोग्राम

इस कार्यक्रम का उद्देश्य 2022 तक रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट्स से 40,000 मेगावाट उर्जा उत्पादन के लक्ष्य को हासिल करना है।

इस योजना का क्रियान्वयन दो चरणों में 11,814 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता से किया जा रहा है।

दूसरे चरण में 3 किलोवाट के रूफटॉप सिस्टम (रिहायशी रूफटॉप सिस्टम) के लिए केंद्र द्वारा 40% तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है, जबकि 3 से 10 किलोवाट तक की क्षमता वाले सिस्टम के लिए यह वित्तीय सहायता 20% है।

सोलर रूफटॉप सिस्टम क्या है?

सोलर रूफटॉप सिस्टम घर, दफ्तर, संस्थान अथवा किसी औद्योगिक ईमारत की छत पर लगाया जा सकता है। यह सिस्टम दो प्रकार का होता है :

  • सोलर रूफटॉप सिस्टम जिसमे बैटरी के द्वारा भण्डारण किया जाता है
  • ग्रिड कनेक्टेड सोलर रूफटॉप सिस्टम

1.5 मिलियन यूनिट प्रति मेगावाट/वर्ष उर्जा उत्पादन को मध्य नज़र रखते हुए 2022 तक 38 गीगावाट उर्जा का उत्पादन संभव हो सकेगा, इससे प्रतिवर्ष 45.6 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी।

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