स्टेम सेल

इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट द्वारा मष्तिष्क की स्टेम सेल को नुकसान होता है : अमेरिकी शोध

अमेरिका में वैज्ञानिकों ने इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट द्वारा मष्तिष्क की स्टेम सेल हो होने वाले नुकसान का पता लगाया है। ई-सिगरेट व इलेक्ट्रॉनिक निकोटीन डिलीवरी सिस्टम (ENDS) एक प्रकार की डिवाइस होती हैं जो एक विलय को ऊष्मा प्रदान करके एरोसोल का निर्माण करती हैं, इसमें फ्लेवर होते हैं। ई-सिगरेट ENDS का एक प्रमुख प्रोटोटाइप है। यह डिवाइस जलती नहीं है और न ही यह तम्बाकू का उपयोग करती हैं। यह डिवाइस विलय को वाष्पीकृत करती है, जिसे उपभोक्ता श्वास के साथ अन्दर लेता है। इसके विलय में निकोटीन, प्रोपाइलिन ग्लाइकोल इत्यादि का उपयोग किया जाता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार मॉरिशस, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका, थाईलैंड, ब्राज़ील, मेक्सिको, उरुग्वे, बहरीन, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में ENDS पर प्रतिबन्ध लगाया जा चुका है। ENDS का सेवन गर्भवती महिलाओं व बच्चों के लिए काफी नुकसानदेह होता है। इसमें निकोटीन तथा अन्य मादक पदार्थों व रसायनों का उपयोग किया जाता है। ENDS का सेवन गर्भवती महिलाओं में भ्रूण के विकास को प्रभावित कर सकता है। इसके सेवन से कार्डियोवैस्कुलर बीमारियाँ भी हो सकती हैं।

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वैज्ञानिकों ने प्रयोगशाला में लघु मानव एसोफैगस विकसित करने में सफलता प्राप्त की

वैज्ञानिकों ने पहली बार लघु ओसोफेगल ओर्गनोइड (मानव खाद्य नली) को विकसित करने में सफलता प्राप्त की। इसका निर्माण प्रयोगशाला में प्लुरीपोटेंट स्टेल सेल्स की सहायता से किया गया। इससे भविष्य में आंत विकारों में दवाओं के परीक्षण में काफी सहायता मिलेगी। इससे रोगों के निदान में भी सफलता मिल सकती है। इससे जन्मजात विकार जैसे एसोफेगल अट्रेशिया, ओर्गनोइड, एसिनोफिलिक एसोफैगाईटिस और बेरेट्स मेटापलासिया के अध्ययन में भी सहायता मिलेगी।

एसोफेगस

यह एक मांसपेशी युक्त ट्यूब है जो मुह को पेट से जोडती है। इसे गैस्ट्रो-इन्टेस्टाईनल ट्रैक्ट भी कहा जाता है। वयस्कों में इसकी लम्बाई लगभग 25 सेंटीमीटर होती है। यह भोजन के परिवहन में सहायता करता है। जिस स्थान पर एसोफेगस पेट से जुड़ता है उसे गैस्ट्रो-एसोफेगल जंक्शन कहा जाता है।

एसोफेगस की चार परतें होती हैं :

मुकोसा – आन्तरिक परत, यह भोजन की सुचारू परिवहन के लिए इसे गीला करती है।

सब-मुकोसा – इसमें ग्रंथियां होती है जो श्लेष्म उत्पन्न करती हैं।

मुस्कुलारिस – यह एक मांसपेशी होती है जो भोजन को धकेलती है।

एडवेंटिशिया – यह बाहरी परत होती है जो एसोफेग्स को शरीर के अन्य अंगो से जोड़ती है।

स्टेम सेल

यह बहुकोशिकीय जीवों की अपरिभाषित कोशिका है, यह एक की प्रकार की असंख्य कोशिकाएं उत्पन्न कर सकती है। स्टेम सेल के दो मुख्य प्रकार निम्नलिखित हैं :

भ्रूण स्टेम सेल – यह मानव भ्रूण से आती हैं जो 3-5 दिन पुरानी होती हैं। इन्हें इन-विट्रो निषेचन प्रक्रिया के दौरान निकाला जा सकता है। इन्हें प्लुरीपोटेंट स्टेम सेल कहा जाता है। ये कोशिकाएं शरीर में लगभग किसी भी अन्य प्रकार की कोशिका को जन्म दे सकती हैं।

प्रेरित प्लुरीपोटेंट स्टेम सेल – यह कोशिकाएं शरीर में सभी प्रकार की विशेष कोशिकाओं में विभेद कर सकती है। इन कोशिकाओं के द्वारा शरीर के किसी अंग अथवा उत्तक में नयी कोशिकाओं का निर्माण किया जा सकता है।

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