हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश भारत का पहला राज्य बन गया है जहाँ हर घर में एलपीजी गैस कनेक्शन है

हिमाचल प्रदेश राज्य के सभी घरों में एलपीजी गैस कनेक्शन उपलब्ध हैं, जिससे उज्ज्वला योजना के शुभारंभ के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने वाला हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है।

मुख्य बिंदु

इसकी घोषणा 6 जुलाई, 2020 को हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर द्वारा की गयी। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अलावा, हिमाचल प्रदेश राज्य सरकार की योजना ‘हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना’ ने राज्य में 100 प्रतिशत घरेलू रसोई गैस कनेक्शन प्राप्त करने के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना

केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना के तहत छूटे हुए परिवारों को एलपीजी गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना मई, 2018 में शुरू की गई थी।

हिमाचल प्रदेश राज्य के सभी घर हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना के तहत पात्र थे, इसमें केवल पेंशनभोगी, या राज्य या केंद्र सरकार में कार्यरत्त लोग, आयकरदाताओं वाले परिवार शामिल नही किये गये।

आज तक, हिमाचल गृहिणी योजना के तहत कुल 2,76,243 परिवारों को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन प्रदान किये गये हैं।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , , , ,

भारत सरकार केसर और हींग उत्पादन को बढ़ावा देगी

केसर और हींग दुनिया के सबसे कीमती और मूल्यवान मसाले हैं। इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन बायोरीसोर्स टेक्नोलॉजी ने हिमाचल प्रदेश के कृषि विभाग के साथ साझेदारी की है, यह दोनों संस्थान भारत में हेग और केसर के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कार्य करेंगे।

आवश्यकता

भारत में केसर मसाले की वार्षिक मांग 100 टन है। हालांकि, इसका औसत उत्पादन वर्ष में केवल 6-7 टन है। इसलिए, केसर की एक बड़ी मात्रा का आयात किया जा रहा है। इसी तरह, देश में हींग का कोई उत्पादन नहीं है। ईरान, अफगानिस्तान और उज्बेकिस्तान से लगभग 1200 टन हींग का आयात किया जाता है।

योजना क्या है?

वर्तमान में जम्मू और कश्मीर में 2,825 हेक्टेयर भूमि  में केसर की खेती की जाती है। अब, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी केसर की खेती शुरू की जाएगी।

हींग के लिए योजना

हींग एक बारहमासी पौधा है। यह रोपण के 5 साल बाद अपनी जड़ों से ओलियो-गम रेजिन का उत्पादन करता है। हींग रोपण के लिए लगभग 750 हेक्टेयर भूमि को कवर किया जायेगा। नेशनल ब्यूरो ऑफ प्लांट जेनेटिक रिसोर्सेज के माध्यम से, पालमपुर स्थित संस्थान ने ईरान से हींग के प्रकार पेश किए हैं। संस्थान ने भारतीय परिस्थितियों के अनुसार उत्पादन के प्रोटोकॉल को भी मानकीकृत किया है।

महत्व

यह साझेदारी हिमाचल प्रदेश को अत्यधिक लाभ प्रदान करेगी। यह साझेदारी कृषि आय, ग्रामीण विकास और आजीविका संवर्धन को बढ़ावा देगी। यह कार्य नवाचारों, कौशल विकास, क्षमता निर्माण के हस्तांतरण के माध्यम से किया जाएगा।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , , ,

Advertisement