Amrinder Singh

प्रधानमंत्री मोदी ने किया करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन किया तथा भारतीय 500 तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को भी रवाना किया। इस जत्थे में पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर सिंह बादल तथा नवजोत सिंह सिद्धू भी शामिल हैं।

करतारपुर कॉरिडोर

इस कॉरिडोर से भारत से गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर की यात्रा करने वाले यात्रियों को सुगमता होगी। इसका प्रस्ताव सर्वप्रथम श्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा 1999 में रखा गया था। यदि इसे दोनों ओर से जोड़ा जाये तो धार्मिक पर्यटन में काफी वृद्धि होगी।

इस कॉरिडोर का निर्माण केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किये गये फंड्स से किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त पाकिस्तान को भी सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को मध्य नज़र रखते हुए, अपने क्षेत्र में कॉरिडोर का निर्माण करने के लिए भी कहा गया था।

करतारपुर साहिब पाकिस्तान में स्थित है, यह भारत के डेरा बाबा नानक श्राइन से 4 किलोमीटर दूर स्थित है। इस कॉरिडोर के द्वारा डेरा बाबा नानक श्राइन तथा करतारपुर साहिब को जोड़ा जायेगा।

गुरुद्वारा दरबार साहिब

यह 16वीं शताब्दी का गुरुद्वारा पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नारोवल जिले में स्थित है। यह पाकिस्तान के पंजाब में भारत-पाक सीमा से 3-4 किलोमीटर दूर स्थित है। इसकी स्थापना सिख धर्म के पहले गुरु द्वारा 1522 में की गयी थी। यह गुरुद्वारा सिख समुदाय के लिए काफी महत्वपूर्ण है, गुरु नानक देव ने इस स्थान पर सिख समुदाय को एकत्रित किया, वे इस स्थान पर 18 वर्षों तक रहे।

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पंजाब के मुख्यमंत्री ने जंग-ए-आज़ादी स्मारक के तीसरे फेज़ को जलियांवाला बाग़ हत्याकांड के पीड़ितों को समर्पित किया

73वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने जंग-ए-आज़ादी स्मारक के तीसरे फेज़ को जलियांवाला बाग़ हत्याकांड के पीड़ितों को समर्पित किया।

जंग-ए-आज़ादी स्मारक

यह एक स्मारक व संग्रहालय है, इसका निर्माण पंजाब में जालंधर के निकट करतारपुर में किया जा रहा है। इसका निर्माण देश के स्वतंत्रता आन्दोलन में बलिदान देने वाले पंजाबी समुदाय के क्रांतिकारियों की स्मृति में किया जा रहा है।

19 अक्टूबर, 2004 को पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बदल ने जंग-ए-आज़ादी स्मारक की आधारशिला रखी थी। परन्तु इस पर वास्तविक कार्य 26 मार्च, 2015 से शुरू हुआ और यह कार्य अभी भी जारी है।

इस स्मारक के द्वारा युवा पीढ़ियों को देश के गौरवशाली अतीत के बारे में जानकारी मिलेगी और युवा पीढ़ियों उन असंख्य लोगों के बारे में जान पाएंगे जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।

पंजाब सरकार के “कनेक्ट विद योर रूट्स” कार्यक्रम के द्वारा युवाओं को राज्य के समृद्ध इतिहास से परिचित करवाया जाता है, इसके लिए जंग-ए-आज़ादी स्मारक, पार्टीशन म्यूजियम, अमृत तथा विरासत-ए-खालसा तथा श्री आनंदपुर साहिब इत्यादि महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

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