Central Administrative Tribunal in Hindi

लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में केन्द्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण की 18वीं खंडपीठ स्थापित की जायेगी

भारत सरकार ने हाल ही में केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के लिए केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) की 18वीं बेंच का उद्घाटन किया ।

मुख्य बिंदु

जम्मू के लिए केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) पीठ की स्थापना से कई अदालतों का बोझ कम होगा। यह पीठ सरकारी कर्मचारियों के सेवा मामलों से विशेष रूप से निपटेगी।

यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि इससे पहले प्रशासनिक न्यायाधिकरण अधिनियम, 1985 के तहत भारत सरकार ने श्रीनगर और जम्मू को उन स्थानों के रूप में निर्दिष्ट किया था जहां केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) बेंच जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए बैठेगी।

केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण

केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण की स्थापना संविधान के अनुच्छेद 323 के तहत की गई थी। यह न्यायाधिकरण लोक सेवकों की सेवा की शर्तों के बारे में शिकायतों को दूर करेगा।  केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण को उच्च न्यायालय के रूप में कार्य करने की शक्तियां दी गयी हैं। यह प्रशासनिक ट्रिब्यूनल अधिनियम, 1985 की धारा 17 के तहत किया गया है।  ट्रिब्यूनल के कर्मचारियों और अधिकारियों के भत्ते और वेतन केंद्र सरकार द्वारा निर्दिष्ट किए जायेंगे।

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लद्दाख और जम्मू-कश्मीर को केन्द्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के दायरे में लाया जायेगा

17 जनवरी, 2020 को प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री ने घोषणा की है कि लद्दाख और जम्मू-कश्मीर को केन्द्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के दायरे में लाया जाएगा।

मुख्य बिंदु

अब तक केन्द्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल का क्षेत्राधिकार जम्म-कश्मीर की केन्द्रीय सेवाओं तक ही था। जब तक केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर के लिए अलग से केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल की स्थापना नहीं की जाती, तब तक केन्द्रीय प्रशासनिक न्यायालय की चंडीगढ़ बेंच जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का कार्यभार संभालेगी।

 क्या है?

केन्द्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल की स्थापना संविधान में 42वें संशोधन के पश्चात् की गयी थी। यह ट्रिब्यूनल लोक सेवा में नियुक्त अधिकारियों से सम्बंधित विवादों का निपटान करता है। केन्द्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल में सशस्त्र बलों, सर्वोच्च न्यायालय के कर्मचारियों, अर्द्धसैनिक बलों तथा सचिवालय के स्टाफ को शामिल नही किया जाता।

केन्द्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल की व्यवस्था अनुच्छेद 323A में है। इस अनुच्छेद के तहत भारत सरकार को विवादों के निपटारे के लिए प्रशासनिक ट्रिब्यूनल की स्थापना की शक्ति दी गयी है।

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