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सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने चीफ्स ऑफ़ स्टाफ कमिटी की कमान संभाली

भारतीय सेना के प्रमुख जनरल बिपिन रावत चीफ्स ऑफ़ स्टाफ कमिटी के चेयरमैन बन गये हैं। उन्हें वायुसेना के एयर चीफ मार्शल बी.एस. धनोआ के स्थान पर नियुक्त किया गया है। बी.एस धनोआ 30 सितम्बर, 2019 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। बी.एस. धनोआ को 31 मई, 2019 को चीफ्स ऑफ़ स्टाफ कमिटी का चेयरमैन नियुक्त किया गया था।

मुख्य बिंदु

मौजूदा समय में सबसे वरिष्ठ प्रमुख को  चीफ्स ऑफ़ स्टाफ कमिटी का चेयरमैन नियुक्त किया जाता है। एयर चीफ मार्शल बी.एस. धनोआ की सेवानिवृत्ति के बाद जनरल रावत सबसे वरिष्ठ प्रमुख बन जायेंगे।

चीफ्स ऑफ़ स्टाफ कमिटी में थलसेना, भारतीय नौसेना तथा भारतीय वायुसेना के प्रमुख शामिल होते हैं, इनमे से सबसे वरिष्ठ सदस्य को समिति का चेयरमैन नियुक्त किया जाता है। चीफ्स ऑफ़ स्टाफ कमिटी के चेयरमैन के पास तीनों सेनाओं (थलसेना, नौसेना और वायुसेना) के बीच समन्वय व तालमेल स्थापित करने की ज़िम्मेदारी होती है।

पृष्ठभूमि

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर चीफ ऑफ़ डिफेन्स स्टाफ पद के सृजन की घोषणा की थी। चीफ ऑफ़ डिफेन्स स्टाफ तीनों बलों – भारतीय थल सेना, नौसेना तथा वायुसेना के बीच समन्वय स्थापित करेगा। चीफ ऑफ़ डिफेन्स स्टाफ देश का सर्वोच्च सैन्य अधिकारी होगा, वह भारतीय सेना, वायुसेना तथा नौसेना को परामर्श प्रदान करेगा। यह अधिकारी प्रधानमंत्री और रक्षामंत्री के लिए सैन्य सलाहकार का कार्य भी करेगा। पिछले कई वर्षों से चीफ ऑफ़ डिफेन्स स्टाफ की मांग की जा रही थी, यह तीनों बलों के बीच समन्वय स्थापित करने तथा उनकी प्रभावशीलता में वृद्धि करने के लिए आवश्यक है।

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थाईलैंड में किया जायेगा 2019 इंडो-पैसिफिक चीफ्स ऑफ़ डिफेन्स कांफ्रेंस का आयोजन

2019 इंडो-पैसिफिक चीफ्स ऑफ़ डिफेन्स कांफ्रेंस का आयोजन थाईलैंड की राजधानी बैंकाक में किया जायेगा। इस सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व चेयरमैन चीफ्स ऑफ़ स्टाफ कमिटी (COSC) तथा वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बी.एस. धनोआ द्वारा किया जायेगा।

2019 इंडो-पैसिफिक चीफ्स ऑफ़ डिफेन्स कांफ्रेंस

2019 इंडो-पैसिफिक चीफ्स ऑफ़ डिफेन्स कांफ्रेंस की थीम “स्वतंत्र व मुक्त हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग” है। इस सम्मेलन में 33 से अधिक देशों के रक्षा प्रमुख हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन में क्षेत्र के समक्ष मौजूद चुनौतियों पर चर्चा की जायेगी।

भारत-थाईलैंड रक्षा सम्बन्ध

भारत की “लुक ईस्ट पालिसी” के बाद भारत-थाईलैंड रक्षा संबंधों में प्रगाढ़ता आई है, इसके अलावा राजनैतिक, आर्थिक तथा सांस्कृतिक सम्बन्ध भी मज़बूत हुए हैं। 2017 में दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगाँठ मनाई गयी थी। सुरक्षा पहलों  में क्षेत्रीय सहयोग के लिए भारत, थाईलैंड का प्राकृतिक साझेदार है।

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