DAC

भारतीय सशस्त्र बलों को 300 करोड़ रुपये तक की तत्काल पूंजी अधिग्रहण की शक्ति दी गयी

15 जुलाई, 2020 को रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने भारतीय सशस्त्र बलों को 300 करोड़ रुपये तक के तत्काल पूंजी अधिग्रहण पर निर्णय लेने का अधिकार दिया। डीएसी की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की थी।

मुख्य बिंदु

डीएसी का यह कदम भारतीय सशस्त्र बलों को उनकी उभरती परिचालन आवश्यकता को पूरा करने में मदद करेगा। यह निर्णय एक ऐसे समय के दौरान आया है जब भारत-चीन तनाव दशकों में अपने उच्चतम स्तर पर है।

महत्व

पूर्वी लद्दाख में सशस्त्र बलों को मजबूत करने की आवश्यकता है। विभिन्न प्रकार के युद्ध के उपकरण और हजारों सैनिक चीन के साथ लगने वाली सीमा पर तैनात किए गए हैं, वर्तमान में दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने के लिए वार्ता हो रही है।

हालिया घटनाएँ

इससे पहले जुलाई 2020 में, डीएसी ने क्रूज मिसाइल सिस्टम और लंबी दूरी की भूमि पर हमला करने वाली 1,000 किमी की रेंज वाली मिसाइल की खरीद को मंजूरी दी थी। इसके अलावा, डीएसी ने 38,900 करोड़ रुपये की लागत से 33 फ्रंटलाइन लड़ाकू विमान और अस्त्र मिसाइलों की खरीद को मंजूरी दी। 33 लड़ाकू विमानों में 12 Su-30 MKI और 21 मिग -29 शामिल हैं।

इसके अलावा, जून 2020 में, भारत सरकार ने गोला-बारूद और हथियार हासिल करने के लिए प्रति परियोजना 500 करोड़ रुपये तक की वित्तीय शक्तियां प्रदान कीं थी।

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रक्षा अधिग्रहण परिषद ने 83 तेजस लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी दी

18 मार्च, 2020 को रक्षा अधिग्रहण परिषद ने भारतीय वायु सेना के लिए स्वदेश निर्मित 83 तेजस लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी दी। इस प्रस्ताव को सुरक्षा पर कैबिनेट समिति के तहत रखा जायेगा। यह मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।

तेजस

लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट LCA-तेजस को एयरक्राफ्ट डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) द्वारा डिजाइन किया गया था। एयरक्राफ्ट डेवलपमेंट एजेंसी डीआरडीओ (रक्षा अनुसंधान विकास संगठन) के तहत कार्य करती है। इसका निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा किया गया है।

यह विमान भारतीय वायु सेना के लिए अति महत्वपूर्ण हैं। गौरतलब है कि 1962 में भारत-चीन युद्ध के दौरान भारत को पर्याप्त लड़ाकू विमानों  की कमी के कारण काफी नुकसान हुआ था।

रक्षा अधिग्रहण परिषद

रक्षा अधिग्रहण परिषद, रक्षा मंत्रालय के तहत कार्य करती है और निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था है। इन निर्णयों में तीनों सेवाओं के लिए नीतियां, अधिग्रहण और पूंजी शामिल हैं। रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह इस परिषद के अध्यक्ष हैं। 1999 में कारगिल युद्ध के बाद 2001 में इस परिषद् का गठन किया गया था।

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