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DRDO ने COVID​​-19 के खिलाफ लड़ने के लिए स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए बायो सूट विकसित किया

रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन (DRDO) ने COVID-19 के क्षेत्र में काम करने वाले चिकित्सा पेशेवरों को सुरक्षित रखने के लिए एक बायो सूट विकसित किया है। DRDO ने इस उत्पाद में नैनो प्रौद्योगिकी और कोटिंग में अपनी विशेषज्ञता का उपयोग किया है।

मुख्य बिंदु

यह सूट स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा निर्धारित मानदंडों से भी बेहतर है, यह सिंथेटिक रक्त से सुरक्षा के लिए उपयुक्त है। सिंथेटिक रक्त कृत्रिम रूप से बनाया गया रक्त है जो एक मरीज को 48 घंटे तक आघात से बचाए रखता है। सिंथेटिक रक्त परफ्लुओरोकार्बन से बनाया गया है।

मुहरों को सिलने के लिए एक विशेष सीलेंट का उपयोग किया गया है। वर्तमान में सीलेंट का उपयोग पनडुब्बी में किया जाता है। सूट बनाने की प्रक्रिया में इस गोंद के उपयोग से कपड़ा उद्योग में क्रांति आने की उम्मीद है।

इस सूट का उत्पादन बड़े पैमाने पर किया जायेगा। वर्तमान में सूट की उत्पादन क्षमता 7,000 सूट प्रतिदिन है।

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DRDO ने COVID-19 से लड़ने में मदद करने के लिए N99 मास्क, वेंटिलेटर और हैंड सैनिटाइज़र विकसित किये

DRDO (रक्षा अनुसन्धान व विकास संगठन) ने COVID-19  के प्रसार को रोकने के लिए चार वस्तुओं का विकास किया है। DRDO ने हैंड सैनिटाइज़र, वेंटिलेटर, N99 मास्क और बॉडी सूट विकसित किए हैं।

हैंड सैनिटाइज़र

भारतीय सशस्त्र बलों, सुरक्षा कोर और चिकित्सा कोर के लिए लगभग 4,000 लीटर हैंड सैनिटाइज़र तैयार किया गया है। DRDO ने रक्षा मंत्रालय के लिए 1,500 लीटर और संसद के लिए 300 लीटर लीटर हैंड सैनिटाइज़र तैयार किया है। DRDO प्रति दिन 20,000 से 30,000 लीटर हैंड सैनिटाइज़र निर्मित करेगा। इस सैनिटाइज़र की लागत 120 रुपये प्रति लीटर से कम है।

N99 मास्क

DRDO ने 5-लेयर वाला N99 मास्क विकसित किया है। पाँच परतों में से 2 परतें नैनो जाली से बनी होती हैं। DRDO प्रतिदिन 10,000 ऐसे मास्क निर्मित करेगा। एक मास्क की कीमत 70 रुपये है।

वेंटिलेटर

डीआरडीओ के तहत सोसायटी फॉर बायोमेडिकल टेक्नोलॉजी कार्यक्रम को वर्तमान जरूरतों को पूरा करने के लिए संशोधित किया गया है। इसके तहत अब वेंटिलेटर के निर्माण का कार्य किया जाएगा। पहले महीने में लगभग 5,000 वेंटिलेटर का उत्पादन जायेगा। बाद में धीरे-धीरे इसे बढ़ाकर 10,000 तक कर दिया जायेगा।

बॉडी सूट

डीआरडीओ द्वारा पहले रेडियोलॉजिकल आपात स्थिति के लिए मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए  बॉडी सूट विकसित किया गया था। अब इसे फुल बॉडी सूट में बदल दिया गया है जो संदूषण को रोकने में मदद करेगा।

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