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भारतीय सहायता से निर्मित जाफना अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे में संचालन शुरू हुआ

श्रीलंका में भारतीय सहायता से निर्मित जाफना अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे में संचालन शुरू हो गया है। इस हवाईअड्डे के लिए पहली उड़ान चेन्नई, तमिलनाडु से गयी। इस मौके पर श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रिपाला सिरिसेना तथा प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे भी मौजूद थे। इस हवाईअड्डे के लिए पहली उड़ान चेन्नई से अलायन्स एयर (एयर इंडिया की सब्सिडियरी) ने भरी, इसमें एयर इंडिया के सीएमडी अश्विनी लोहानी तथा सीईओ सी.एस. सुब्बियाह सवार थे।

वर्तमान में प्रत्येक सप्ताह चेन्नई से जाफना के लिए तीन फ्लाइट्स जायेंगी, बाद में कोच्ची तथा तिरुचिरापल्ली से भी फ्लाइट्स शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। इससे जाफना तथा दक्षिण भारत के बीच कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा।

जाफना अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा

इस हवाईअड्डे का निर्माण भारतीय सहायता से किया गया है, यह श्रीलंका के तमिल बहुल इलाके में स्थित है। जिस हवाईअड्डे में 2.3 किलोमीटर लम्बा रनवे है। यह श्रीलंका का तीसरा अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा है।

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बीजिंग में किया गया भारत और चीन के बीच 9वीं वार्षिक रक्षा व सुरक्षा वार्ता का आयोजन

हाल ही में भारत और चीन के बीच चीन की राजधानी बीजिंग में 9वीं रक्षा तथा सुरक्षा वार्ता का आयोजन किया गया। इस वर्त में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेत्रत्व रक्षा सचिव संजय मित्रा तथा चीनी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केन्द्रीय सैन्य आयोग के संयुक्त स्टाफ विभाग के डिप्टी चीफ द्वारा किया गया। संजय मित्रा के साथ रक्षा मंत्रालय, भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के वरिष्ठ अफसर भी मौजूद थे।

इसके बाद भारत और चीन के बीच 23-24 नवम्बर, 2018 के दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधियों द्वारा सीमा वार्ता का 21वां दौर भी शुरू होगा, इसका आयोजना चीन के दुजियांगयान शहर में किया जायेगा। सीमा वार्ता में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल और चीन के स्टेट कौंसिलर व विदेश मंत्री वांग यी भी हिस्सा लेंगे।

पृष्ठभूमि

इस 9वीं वार्षिक रक्षा व सुरक्षा वार्ता का आयोजन डोकलाम विवाद के कारण एक वर्ष के अंतराल के बाद किया गया। पिछले वर्ष भारत और चीन के बीच सीमा पर 73 दिनों तक हालात तनावपूर्ण रहे। यह विवाद चीनी सेना द्वारा सिलीगुड़ी कॉरिडोर में सड़क बनाने की योजना के कारण हुआ था, यह सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन्स नैक कॉरिडोर) सामरिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है। चीनी सेना द्वारा निर्माण कार्य बंद किये जाने के बाद इस विवाद समाप्त हुआ था। इसके बाद दोनों देशों द्वारा संबंधों को तीव्रता से सामान्य बनाने के प्रयास किये गये। तत्पश्चात अप्रैल, 2018 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच वुहान में अनौपचारिक बैठक हुई थी।

9वीं वार्ता का निष्कर्ष

इस वार्ता में दोनों देशों ने उच्च अधिकारियों की पारस्परिक यात्राओं के द्वारा संबंधों को मज़बूत बनाने पर सहमती प्रकट की। दोनों देशों ने सीमा पर शान्ति बनाये रखने के महत्त्व को भी दोहराया। इसके अलावा वुहान में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति जिनपिंग के बीच निश्चित समझौते का क्रियान्वयन भी किया जायेगा। इस वार्ता के दौरान रक्षा सम्बन्धी मामले में वार्ता के महत्व को भी रेखांकित किया गया। दोनों पक्षों ने आपसी राजनीतिक तथा सामरिक विश्वास में वृद्धि करने के लिए सैन्य संबंधों को मज़बूत करने पर बल दिया। इसके अतिरिक्त दोनों देशों ने 2019 में भारत में वार्ता के अगले चरण के आयोजन पर भी सहमती प्रकट की।

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