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भारतीय रेलवे ने पहले वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट को कमीशन किया

पूर्व तटीय रेलवे ने सरकार के पहले वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट को कमीशन किया है। यह रेलवे का इस प्रकार का पहला प्लांट है जबकि भारत में यह इस प्रकार का कुल चौथा प्लांट है। यह प्लांट ई-वेस्ट और प्लास्टिक को 24 घंटे से कम समय में हल्के डीजल में परिवर्तित कर सकता है। हाल ही में इस प्लांट में इस्तेमाल के लिए ‘पालीक्रैक’ नामक तकनीक को पेटेंट किया गया है।

मुख्य बिंदु

यह प्लांट एकत्रित कचरे को पालीक्रैक टेक्नोलॉजी की सहायता से कार्बन पाउडर, डीजल व गैस में परिवर्तित कर सकता है। यह डीजल रेलवे द्वारा वाणिज्यिक उपयोग के लिए अन्य हितधारकों को बेचा जाएगा। जबकि गैस व कार्बन पाउडर का उपयोग ईंटो के निर्माण में किया जा सकता है। इस प्लांट की सबसे ख़ास बात यह है कि इस प्रक्रिया के अंत में किसी भी प्रकार का कचरा नहीं बचता।

यह प्लांट रोजाना 500 किलोग्राम कचरे को प्रोसेस कर सकता है, इससे रेलवे को प्रतिवर्ष 17.5 लाख रुए की कमाई होगी।

यह रेलवे द्वारा स्थापित किया गया पहला प्लांट है, परन्तु इस प्रकार के प्लांट देश में पहले से कार्य कर रहे हैं। सर्वप्रथम 2011 में आईटी कंपनी इनफ़ोसिस ने बंगलुरु में इस प्रकार के प्लांट की शुरुआत की थी। उसके बाद 2014 में दिल्ली में इस प्रकार का प्लांट शुरू किया गया। 2014 में हिंडाल्को द्वारा तीसरे प्लांट की स्थापना की गयी।

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2024 तक भारतीय रेलवे का 100% विद्युतीकरण किया जायेगा: भारत सरकार

27 जनवरी, 2020 को केन्द्रीय मंत्री पियूष गोयल ने घोषणा की है कि 2024 तक भारतीय रेलवे 100% विद्युत् से ही संचालित होगा। यदि यह लक्ष्य हासिल हो जाता है तो भारतीय रेलवे 100% विद्युत् से संचालित होने वाला प्रथम रेलवे होगा। भारतीय रेलवे ने 2030 तक शून्य-उत्सर्जन नेटवर्क के निर्माण का लक्ष्य रखा है।

विद्युतीकरण परियोजना

2019 में रेलवे के 100% विद्युतीकरण का लक्ष्य 2023 तक हासिल करने की योजना बनायीं गयी थी। 2017-18 तक 4,087 किलोमीटर मार्ग को विद्युतीकृत किया जा चुका था। रेलवे के 100% विद्युतीकरण के बाद इंधन व्यय के 13,510 करोड़ रुपये की बचत होगी।

वर्तमान स्थिति

वर्तमान समय में भारतीय रेलगाड़ियों डीजल अथवा बिजली से चलती है। भारत की लगभग दो तिहाई मालढुलाई रेलवे के द्वारा की जाती है। नीति आयोग के अनुसार 2014 में रेलवे का कार्बन उत्सर्जन 6.84 मिलियन टन था। इसलिए पर्यावरण की दृष्टि से भी रेलवे का विद्युतीकरण एक महत्वपूर्ण कदम है।

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