India's GDP Growth Rate

वित्त मंत्री ने 102 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं की घोषणा की

31 दिसम्बर, 2019 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अगले पांच वर्षों में क्रियान्वित की जाने वाली 102 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं की घोषणा की।

मुख्य बिंदु

यह अधोसंरचना परियोजनाएं रेलवे, उर्जा, शहरी विकास, सिंचाई, स्वास्थ्य तथा शिक्षा से सम्बंधित हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य भारत को 2025 तक पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। वर्तमान में भारत की अर्थव्यवस्था 2.72 ट्रिलियन डॉलर की है, इसकी वृद्धि दर 6.81% है।

वर्तमान में 25 लाख करोड़ रुपये की उर्जा परियोजनाएं तैयार की जा रही हैं। रेलवे सेक्टर में 14 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। स्वास्थ्य क्षेत्र में 20 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसके अलावा 3 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं को पाइपलाइन सेक्टर में जोड़ा गया है।

महत्व

हालिया दिनों में कई अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संगठन भारत की वृद्धि दर में कमी का अनुमान लगा रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भारत की वृद्धि दर का 2019 में 6.1% रहने का अनुमान लगाया है। विश्व बैंक के अनुसार भारत की वृद्धि दर 6% रहेगी। यह अनुमान  पिछले अनुमानों की अपेक्षा कम हैं। इसलिए अर्थव्यवस्था को बल देने के लिए नए आर्थिक प्रयास किये जाने आवश्यक हैं।

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इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने 2019-20 के लिए भारत के GDP वृद्धि अनुमान को घटाकर 6.1% किया

इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने 2019-20 के लिए भारत के GDP वृद्धि अनुमान को 6.7% से घटाकर 6.1% किया। इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च फिच ग्रुप की एक इकाई है। गौरतलब है कि  यह पिछले दो माह में की गयी लगातार दूसरी कटौती है। अगस्त 2019 में इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने GDP विकास दर को 7.3% से घटाकर 6.7 % किया था। इसमें मंदी का कारण कमजोर ग्रामीण तथा शहरी उपभोग मांग को बताया गया है।

इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च का अनुमान

2019-20 के पहले 6 महीने के लिए जीडीपी विकास दर 5.2% रहने के अनुमान लगाया गया है, जबकि दूसरी छमाही  के लिए यह अनुमान 6.9% लगाया गया है।

सरकार द्वारा आर्थिक धीमेपन को रोकने के लिए उठाये गये कदम मध्यम तथा दीर्घकाल में परिणाम दिखायेंगे। इस वक्त सबसे बड़ी समस्या उपभोग मांग में कमी है, निजी कॉर्पोरेट निवेश में भी काफी कमी आई है।

भारत का चालू खाता घाटा सकल घरेलु उत्पादन का 3.3% रहने का अनुमान लगाया गया है, वित्त वर्ष 2020 में यह जीडीपी के 3.6% तक पहुँच सकता है। इसके अलावा वित्त वर्ष 2020 में डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की कीमत 70.86 रहने की उम्मीद है।

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