Jammu-Kashmir

GIA ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख पर ‘रिपोर्ट फ्रॉम ग्राउंड जीरो’ प्रस्तुत की

ग्रुप ऑफ़ इंटेलेक्चुअल्स एंड अकैडेमिशियंस (GIA) ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 तथा 35A को हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख के सन्दर्भ में ‘रिपोर्ट फ्रॉम ग्राउंड जीरो’ प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह को सौंपी है।

इस प्रतिनिधिमंडल ने जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख में परिस्थितियों का अवलोकन करने के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार की है। इसमें सभी धर्म समुदाय तथा प्रोफेशन के लोगों के विचार शामिल हैं।

ग्रुप ऑफ़ इंटेलेक्चुअल्स एंड अकैडेमिशियंस (GIA)

ग्रुप ऑफ़ इंटेलेक्चुअल्स एंड अकैडेमिशियंस (GIA) भारतीय प्रोफेशनल महिलाओं तथा उद्यमियों, मीडिया पर्सन्स, बुद्धिजीवियों तथा शिक्षाविदों का समूह है, जो समाज में महिलाओं की स्थिति को बेहतर करने के लिए कार्य कर रहे हैं।

इसमें राष्ट्रीय नेता, सर्वोच्च न्यायालय के वकील, उद्योगपति, महिला खिलाड़ी, लेखक, कवि, राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता, कॉलेजों के प्रिंसिपल, प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रोफेसर, संस्थान के निदेशक, अंतर्राष्ट्रीय खाद्य प्राप्त कलाकार, आईटी प्रोफेशनल इत्यादि शामिल हैं।

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जम्मू-कश्मीर में फिर से शुरू की गयी पोस्टपेड मोबाइल सेवा

जम्मू-कश्मीर में 70 दिन के बाद पोस्टपेड मोबाइल सेवा पुनः शुरू की गयी है, यह सेवा बीएसएनएल नेटवर्क पर पुनः शुरू की गयी है। इसके अलावा घाटी में मोबाइल इन्टरनेट तथा ब्रॉडबैंड की सुविधा को अब तक बहाल नहीं किया गया है।

पृष्ठभूमि

लोकसभा और राज्यसभा ने जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक 2019 पारित किया था, इसके द्वारा राज्य का विभाजन दो केंद्र शासित प्रदेशों में किया जायेगा। क्षेत्रफल के हिसाब से जम्मू-कश्मीर देश का सबसे बड़ा केंद्र शासित प्रदेश होगा, जबकि लद्दाख क्षेत्रफल के आधार पर देश का दूसरा सबसे केंद्र शासित प्रदेश होगा।

5 अगस्त, 2019 को केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने की घोषणा थी। लद्दाख को जम्मू-कश्मीर से अलग करके केंद्र शासित प्रदेश बनाया जायेगा, परन्तु इसकी कोई विधानसभा नहीं होगी। दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर को भी अब केंद्र शासित प्रदेश बनाया जायेगा। 31 अक्टूबर, 2019 को यह पुनर्गठन लागू हो जायेगा।

अनुच्छेद 370

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 के द्वारा जम्मू-कश्मीर राज्य को स्वायत्ता प्रदान की गयी है। इस अनुच्छेद के द्वारा जम्मू-कश्मीर के निम्नलिखित 6 विशेष प्रावधान किये गये हैं :

  • इस अनुच्छेद के द्वारा जम्मू-कश्मीर को भारतीय संविधान के दायरे से बाहर रखा गया है, जम्मू-कश्मीर राज्य का अपना अलग संविधान है।
  • जम्मू-कश्मीर पर केन्द्रीय विधानपालिका की शक्तियां सीमित हैं। केवल रक्षा, विदेश मामले तथा संचार पर ही केन्द्रीय विधानपालिका का नियंत्रण है।
  • राज्य सरकार की सहमती के पश्चात् ही जम्मू-कश्मीर में केन्द्रीय विधानपालिका की संवैधानिक शक्तियों को बढ़ाया जा सकता है।
  • यह सहमती अस्थायी होगी, इसके लिए राज्य विधानसभा में पारित करना आवश्यक है।
  • शक्तियों के विभाजन के सन्दर्भ में राज्य संविधान सभा की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है।
  • अनुच्छेद 370 को राज्य संविधान सभा की सिफारिश पर ही हटाया जा सकता है अथवा इसमें संशोधन किया जा सकता है।

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