Jammu-Kashmir

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाये जाने की घोषणा की पहली वर्षगाँठ

आज 5 अगस्त, 2020 को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाये जाने की घोषणा की पहली वर्षगाँठ है।

5 अगस्त, 2020 को केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने की घोषणा की थी। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन का पुनर्गठन किया गया। लद्दाख को जम्मू-कश्मीर से अलग करके केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया, परन्तु इसकी कोई विधानसभा नहीं है। दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर को भी  केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया।  इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा भी समाप्त हो गया।

अनुच्छेद 370

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 के द्वारा जम्मू-कश्मीर राज्य को स्वायत्ता प्रदान की गयी थी। इस अनुच्छेद के द्वारा जम्मू-कश्मीर के निम्नलिखित 6 विशेष प्रावधान किये गये थे :

  • इस अनुच्छेद के द्वारा जम्मू-कश्मीर को भारतीय संविधान के दायरे से बाहर रखा गया है, जम्मू-कश्मीर राज्य का अपना अलग संविधान है।
  • जम्मू-कश्मीर पर केन्द्रीय विधानपालिका की शक्तियां सीमित हैं। केवल रक्षा, विदेश मामले तथा संचार पर ही केन्द्रीय विधानपालिका का नियंत्रण है।
  • राज्य सरकार की सहमती के पश्चात् ही जम्मू-कश्मीर में केन्द्रीय विधानपालिका की संवैधानिक शक्तियों को बढ़ाया जा सकता है।
  • यह सहमती अस्थायी होगी, इसके लिए राज्य विधानसभा में पारित करना आवश्यक है।
  • शक्तियों के विभाजन के सन्दर्भ में राज्य संविधान सभा की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है।
  • अनुच्छेद 370 को राज्य संविधान सभा की सिफारिश पर ही हटाया जा सकता है अथवा इसमें संशोधन किया जा सकता है।

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जम्मू-कश्मीर पंचायत सदस्यों के लिए 25 लाख रुपये का बीमा कवर स्वीकृत किया गया

18 जुलाई, 2020 को जम्मू और कश्मीर प्रशासन ने शहरी स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के सभी निर्वाचित सदस्यों को 25 लाख रुपये के जीवन बीमा कवर की घोषणा की।

मुख्य बिंदु

बीमा का प्रावधान चुने गए सदस्यों को सुरक्षा की भावना प्रदान करके जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करना है। यह आवश्यक है क्योंकि निर्वाचित सदस्य लगातार आतंकवादियों के निशाने पर रहें हैं।

पृष्ठभूमि

प्रशासनिक परिषद ने उपराज्यपाल जी.सी. मुर्मू की अध्यक्षता में बैठक की। परिषद ने सरपंचों, नगर निकायों के निर्वाचित सदस्यों, खंड विकास परिषद सदस्यों के लिए जीवन बीमा को मंजूरी दी है।

बीमा चुने गए प्रतिनिधियों के परिवार के सदस्यों के लिए गारंटी के रूप में कार्य करेगा जो आतंकी घटनाओं में मर जाते हैं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि किसी अप्रिय घटना के कारण परिवारों को संकट और गरीबी का सामना न करना पड़े।

उपराज्यपाल

भारत में, एक राज्यपाल एक राज्य का प्रभारी होता है और एक लेफ्टिनेंट गवर्नर एक केंद्र शासित प्रदेश का प्रभारी होता है। हालांकि केवल लद्दाख, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, जम्मू और कश्मीर, दिल्ली और पुदुचेरी के केंद्र शासित प्रदेशों में लेफ्टिनेंट गवर्नर हैं। जबकि, अन्य केंद्र शासित प्रदेशों में प्रशासक नियुक्त हैं जो आमतौर पर आईएएस अधिकारी होते हैं।

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