LCA तेजस

आज के मुख्य करेंट अफेयर्स समाचार :  14 नवम्बर, 2019

प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से महत्वपूर्ण 14 नवम्बर, 2019 के मुख्य समाचार निम्नलिखित हैं :

राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स   

  • भारत के मुख्य न्यायधीश का कार्यालय RTI के दायरे में आता है : सर्वोच्च न्यायालय
  • LCA तेजस के नौसैनिक संस्करण ने रात्री में सफलतापूर्वक अरेस्ट लैंडिंग की।
  • जस्टिस मुहम्मद रफ़ीक बने मेघालय उच्च न्यायालय के नए मुख्य न्यायधीश।
  • भारत को 43 मिलियन डॉलर प्रदान करेगा ग्रीन क्लाइमेट फण्ड।
  • दिल्ली में 14 नवम्बर से भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला शुरू होगा।

अर्थव्यवस्था व व्यापार से सम्बंधित करेंट अफेयर्स

  • सिंगापुर के फिनटेक फेस्टिवल में भीम UPI का प्रदर्शन किया गया।
  • भारत के रवि प्रकाश ने जीता ब्रिक्स-यंग इनोवेटर प्राइज।

अतर्राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स

  • ब्राज़ील में किया जा रहा है ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन।
  • रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अम्बानी को न्यूयॉर्क के मेट्रोपोलिटन म्यूजियम ऑफ़ आर्ट के बोर्ड में चुना गया।
  • भारत ने फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र आपदा व कार्य एजेंसी को 5 मिलियन डॉलर की सहायता के लिए प्रतिबद्धता ज़ाहिर की।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , , , ,

राजनाथ सिंह बने LCA तेजस में उड़ान भरने वाले पहले रक्षामंत्री

केन्द्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह हल्के लड़ाकू विमान ‘तेजस’ में उड़ान भरने वाले पहले रक्षामंत्री बन गये हैं। उन्होंने एयर वाईस मार्शल नर्मदेश्वर तिवार के साथ बंगलुरु में LCA तेजस में 30 मिनट तक उड़ान भरी।

तेजस

तेजस हल्के भार वाला सिंगल सीटर लड़ाकू विमान है, इसमें एक ही इंजन उपयोग किया गया है। यह अपनी श्रेणी का विश्व का सबसे छोड़ा व सबसे हल्का सुपरसोनिक लड़ाकू विमान है। इसका शुरूआती निर्माण 1980 के दशक में शुरू किया था, इसका निर्माण मिग 21 लड़ाकू विमान की जगह लेने के लिए किया गया है। इसका नाम ‘तेजस’ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा रखा गया था। इस एयरक्राफ्ट को पूर्ण रूप से विकसित करने में लगभग 20 वर्षों का समय लगा।

तेजस की विशेषताएं

तेजस में quadruplex digital fly-by-wire उड़ान नियंत्रण प्रणाली का उपयोग किया गया है, जिससे तेजस को नियंत्रित करना आसान होता है। इसमें डिजिटल कंप्यूटर बेस्ड अटैक सिस्टम और ऑटोपायलट मोड भी हैं।

इसके छोटे आकार और कार्बन कम्पोजिट के उपयोग के कारण राडार द्वारा इसे पकड़ा जाना मुश्किल है। इसमें आधुनिक एवियोनिक सॉफ्टवेर का उपयोग किया गया, जिसे आवश्यकता पड़ने पर आसानी से अपडेट किया जा सकता है।

इसकी रेंज लगभग 400 किलोमीटर है, इसका उपयोग एयर-टू-ग्राउंड ऑपरेशन में किया जायेगा। राफेल और सुखोई लम्बी दूरी तय करके दुश्मन के ठिकानों पर हमला कर सकते हैं।

तेजस से हवा-से-हवा में मार कर सकने वाली मिसाइलें दागी जा सकती है। इसमें बम तथा अन्य प्रिसिशन गाइडेड विस्फोटक भी ले जाए जा सकते हैं। DRDO ने तेजस के परीक्षण दौरान इसमें कई प्रकार की मिसाइल इत्यादि का उपयोग किया। यह लेज़र गाइडेड बम गिराने में भी सक्षम है।

तेजस ने तमिलनाडु के सुलुर एयर फ़ोर्स स्टेशन में जुलाई, 2018 से कार्य शुरू किया गया, इसे दो वर्ष पूर्व भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था। यह भारतीय वायुसेना के 45 स्क्वाड्रन के ‘फ्लाइंग डैगर्स’ का हिस्सा है।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , ,

Advertisement