NIC

नई दिल्ली में शुरू हुआ टेक कॉन्क्लेव

नेशनल इन्फार्मेटिक्स सेंटर (NIC) द्वारा नई दिली में में दो दिवसीय टेक्नोलॉजी कॉन्क्लेव 21 जनवरी को शुरू हो गया है।  इसका उद्घाटन केन्द्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद द्वारा किया गया।

मुख्य बिंदु

इस टेक्नोलॉजी कॉन्क्लेव में सूचना व संचार प्रौद्योगिकी (ICT) के उपयोग पर चर्चा की जायेगी। इसकी थीम ‘Technologies for NextGen Governance’ है। इस संगोष्ठी का उद्देश नागरिकों को उच्च गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मुहैया करवाना है। सरकार के प्रशासन सम्बन्धी कार्यों में नई प्रौद्योगिकी अपनाने में NIC प्रमुख भूमिका निभाता है। हाल ही में NIC ने बंगलुरु में ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी केंद्र लांच किया है।

भारत में ई-गवर्नेंस

पिछले कुछ समय से भारत ई-गवर्नेंस अपना रहा है।  ई-गवर्नेंस से सम्बंधित भारत सरकार की कुछ प्रमुख सफल पहलें इस प्रकार से हैं:

  • राष्ट्रीय भू-लेख आधुनिकीकरण कार्य्रकम : इसके द्वारा भू-लेखों का कम्प्यूटराइजेशन किया गया।
  • भूमि प्रोजेक्ट : भू-लेखों की ऑनलाइन डिलीवरी
  • नेशनल ई-गवर्नेंस प्लान : इसका निर्माण नागरिकों तक सरकारी सेवाओं की डिलीवरी सुधारने के लिए किया गया है।

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NIC ने बंगलुरु में की ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी केंद्र की स्थापना

नेशनल इन्फार्मेटिक्स सेंटर (NIC) ने बंगलुरु में ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी केंद्र की स्थापना की है, इसका उद्घाटन केन्द्रीय मंत्री श्री रवि शंकर प्रसाद द्वारा किया जायेगा।

इस केंद्र के द्वारा सभी हितधारकों को ब्लॉकचेन सेवा प्रदान की जायेगी। इस केंद्र की सहायता से सरकार को भी इस प्रौद्योगिकी के महत्व/उपयोगिता की जानकारी मिल सकेगी।

नेशनल इन्फार्मेटिक्स सेंटर (NIC)

नेशनल इन्फार्मेटिक्स सेंटर (NIC) की स्थापना 1976 में की गयी थी, यह केन्द्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन कार्य करता है। यह सूचना प्रौद्योगिकी को अपनाने में सरकार की सहायता करता है। यह सरकार के लिए सूचना प्रौद्योगिकी से सम्बंधित विभिन्न सेवाओं व उत्पादों का निर्माण करता है।

ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी

ब्लॉकचेन एक प्रकार का डिजिटल बही खाता है, इसमें डाटा क्लाउड में सुरक्षित रखा जाता है। यह डाटा स्टोरेज की सुरक्षित प्रणाली है। इसमें डाटा को कॉपी किये बिना विकेंद्रीकृत किया जाता है। यह काफी सुरक्षित व पारदर्शी है। इस टेक्नोलॉजी का उपयोग क्रिप्टोकरेंसी में बड़े पैमाने पर किया जाता है। इसके अलावा वित्तीय लेन-देन, क्राउड-फंडिंग, गवर्नेंस, फाइल स्टोरेज और इन्टरनेट ऑफ़ थिंग्स इत्यादि में इसका उपयोग किया जाता है।

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