Rafale

राफेल लड़ाकू विमानों का पहला बैच आज अम्बाला पहुंचेगा

27 जुलाई, 2020 को राफेल जेट के पहले बैच ने फ्रांस से उड़ान भरी थी। यह विमान 29 जुलाई, 2020 को भारत पहुंचेगे। यह विमान अम्बाला एयरफ़ोर्स स्टेशन में उतरेंगे। यह विमान फ्रांस से लगभग 7000 किलोमीटर की यात्रा करके भारत पहुँच रहे हैं।

मुख्य बिंदु

इन विमानों को घातक हथियारों, राडार, उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली और आत्म सुरक्षा सूट से लैस किया जायेगा। इन विमानों को माइका हथियार प्रणाली से लैस किया जायेगा। उन्हें 13 भारत विशिष्ट संवर्द्धन प्रदान किए जाने हैं। इसमें इजरायली हेलमेट माउंटेड डिस्प्ले, रडार संवर्द्धन, उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों से कोल्ड स्टार्ट क्षमता, निम्न बैंड जैमर, अवरक्त खोज और ट्रैकिंग प्रणाली और उड़ान डेटा रिकॉर्डिंग शामिल हैं।

पृष्ठभूमि

2016 में भारत सरकार ने फ्रेंच कंपनी दसॉल्ट एविएशन को 36 राफेल जेट का ऑर्डर दिया था। यह सौदा 59,000 करोड़ रुपये में हुआ था। पहले सेट के आने के साथ, बाकी 31 जेट्स को 2021 तक पहुंचाया जाना है।अनुबंध के एक भाग के रूप में, भारतीय पायलटों को दसॉल्ट द्वारा हथियार प्रणाली और विमान पर पूरा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम के तहत लगभग 12 भारतीय पायलटों को प्रशिक्षित किया गया।

राफेल जेट के बारे में

जेट अधिकतम 2,222.6 किमी / घंटा की गति प्राप्त कर सकते हैं। यह 50,000 फीट तक चढ़ सकता है। यह मध्य हवा में ईंधन भर सकता है। राफेल 9,500 किलोग्राम वजन उठा सकते हैं। राफेल से जुड़ी तोप एक मिनट में 2,500 राउंड फायर  कर सकती है। साथ ही, यह परमाणु हथियार, लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल और लेजर गाइडेड बम ले जा सकता है।

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बी.एस. धनोआ के नाम पर राफेल लड़ाकू विमान के टेल नंबर जारी किये जायेंगे

भारतीय वायुसेना ने पूर्व वायुसेना प्रमुख बी.एस. धनोआ के नाम पर राफेल लड़ाकू विमान के टेल नंबर जारी करने का निर्णय लिया।

टेल नंबर

टेल नंबर किसी एयरक्राफ्ट की विशिष्ट पहचान संख्या होती है, देश में उड़ने वाले सभी एयरक्राफ्ट को टेल नंबर जारी किये जाते हैं। यह टेल नंबर अंतर्राष्ट्रीय नागरिक विमानन के नियमों के मुताबिक दिए जाते हैं।

राफेल 

भारतीय वायुसेना राफेल के एक-एक स्क्वाड्रन को अम्बाला (हरियाणा) तथा हाशिमारा (पश्चिम बंगाल) के एयरबेस में तैनात करेगी। भारतीय वायुसेना ने इन दो एयरबेस में आवश्यक अधोसंरचना जैसे शेल्टर, हेंगर तथा मेंटेनेंस फैसिलिटी के लिए लगभग 400 करोड़ का व्यय किया है।

सितम्बर, 2016 में भारत ने फ़्रांसिसी सरकार तथा दसौल्ट एविएशन के साथ 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए 7.8 अरब यूरो के सौदे पर हस्ताक्षर किये थे। सौदे पर हस्ताक्षर किये जाने के 67 महीनों के भीतर भारत को सभी राफेल लड़ाकू विमानों की डिलीवरी कर दी जायेगी।

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