Right Livelihood Foundation

ग्रेटा थनबर्ग ने जीता राईट लाइवलीहुड फाउंडेशन पुरस्कार

स्वीडन बेस्ड राईट लाइवलीहुड फाउंडेशन ने 4 विजेताओं की घोषणा की, इस पुरस्कार के विजेता को एक मिलियन स्वीडिश क्रोनर की इनामी राशि प्रदान की गयी। इस वर्ष के चार विजेता हैं : ग्रेटा थनबर्ग, सहरावी मानवाधिकार कार्यकर्ता अमिनातो हैदर, चीनी महिला अधिकार समर्थक गुओ जियन्मेइ तथा ब्राज़ीलियाई हुतुकारा यानोमामी एसोसिएशन तथ इसके नेता दावी कोपेनावा।

ग्रेटा थनबर्ग

स्वीडन की 16 वर्षीय ग्रेटा थनबर्ग को 2019 नोबेल शांति पुरस्कार के लिए मनोनीत किया गया है। ग्रेटा पर्यावरण की सुरक्षा के लिए कार्य करती हैं। ग्रेटा स्कूल स्ट्राइक फॉर क्लाइमेट मूवमेंट की संस्थापक हैं। इस आन्दोलन की शुरुआत पिछले वर्ष हुई थी, जब ग्रेटा ने स्वीडिश संसद के बाहर अकेले विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने जलवायु परिवर्तन पर कार्य करने के लिए छात्रों को विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। यदि ग्रेटा इस पुरस्कार को जीत जाती हैं तो वे नोबेल शांति पुरस्कार की सबसे युवा विजेता बन जायेंगी। इससे पहले मलाला यूसुफ़जई ने 2014 में 17 वर्ष की आयु में नोबेल शांति पुरस्कार जीता था। नोबेल शांति पुरस्कार के विजेता की घोषणा अक्टूबर, 2019 में की गयी थी।

ग्रेटा थनबर्ग का जन्म 3 जनवरी, 2003 को स्वीडन में हुआ था। उन्होंने स्वीडन की संसद के समक्ष पेरिस समझौते के मुताबिक कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए विरोध प्रदर्शन किया था। इसके लिए उन्होंने स्कूल न जा कर संसद के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने विश्व के अन्य देशों में छात्रों को प्रेइर्ट किया। दिसम्बर, 2018 तक विश्व के 270 शहरों में 20,000 में स्कूलों में हड़ताल की। ग्रेटा को स्टॉकहोल्म में टेड टॉक में संबोधन देने के लिए भी आमंत्रित किया जा चुका है।

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