SARFAESI Act

पिछले पांच वर्षों में राष्ट्रीयकृत बैंकों में ऐच्छिक डिफाल्टर्स की संख्या में 60% वृद्धि हुई

केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार पिछले पांच वर्षों में राष्ट्रीयकृत बैंकों में डिफाल्टर्स की संख्या में 60% की वृद्धि हुई है, राष्ट्रीयकृत बैंकों में कुल 8,582 डिफाल्टर हैं।

मुख्य बिंदु

केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में एक प्रश्न के जवाब में लिखित उत्तर दिया। ऐच्छिक डिफाल्टर वह व्यक्ति है जिसके पास बैंक से लिए गये ऋण को भरने की क्षमता है परन्तु वह फिर भी ऋण को नहीं भरता।

2014-15 में राष्ट्रीयकृत बैंकों में 5,349 ऐच्छिक डिफाल्टर थे, 2018-19 तक यह संख्या 8,582 तक पहुँच गयी है। पिछले पांच वर्षों में ऐच्छिक डिफाल्टर्स से 7,654 करोड़ वसूल किये जा चुके हैं।

सरकार द्वारा उठाये गये कदम

मार्च, 2019 तक 17 राष्ट्रीयकृत बैंकों ने 8582 मामलों में से 8,121 मामलों कार्यवाही शुरू कर दी है।

SARFAESI Act : SARFAESI Act (Securitisation and Reconstruction of Financial Assets and Enforcement of Securities Act, 2002) के तहत 6,251 मामलों में कार्यवाही शुरू कर दी गयी है।

आरबीआई के दिशानिर्देश : भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी किये गये दिशानिर्देशों के अनुसार किसी ऐच्छिक डिफाल्टर को बैंक अथवा वित्तीय संस्थान पर अतिरिक्त सुविधाएं प्रदान नहीं की जानी चाहिए। उनकी इकाई अगले पांच वर्ष में कोई नया कार्य शुरू नहीं कर सकती, आवश्यकता पड़ने पर उनके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जा सकती है। 2,915 मामलों में FIR दायर की जा चुकी है।

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