SATAT

संपीडित बायो-गैस उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने लांच की सतत पहल

केन्द्रीय पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सतत (Sustainable Alternative Towards Affordable Transportation – SATAT) पहल लांच की है, इसका उद्देश्य सस्ते परिवहन के लिए स्थायी विकल्प उपलब्ध करवाना है। इस पहल को सार्वजनिक क्षेत्र की तेल मार्केटिंग कंपनियों (IOC, BPCL तथा HPCL) के साथ लांच किया गया।

सतत पहल

इस पहल के तहत सस्ते परिवहन इंधन की उपलब्धता पर बल दिया जाएगा, इसमें कृषि अवशेष, मवेशियों का गोबर तथा म्युनिसिपल ठोस कचरा शामिल है। इसकी सहायता से किसानों को अतिरिक्त आय की प्राप्ति भी होगी। इससे वाहन मालिकों, किसानों तथा उद्यमियों को लाभ होगा। संपीडित बायो गैस उत्पादन प्लांट शुरू करने के लिए एक्सप्रेशन ऑफ़ इंटरेस्ट भी जारी किया गया है।

लाभ

इससे सस्ते परिवहन इंधन की उपलब्धता में वृद्धि होगी, इसके साथ-साथ कृषि अवशेष, मवेशियों के गोबर तथा म्युनिसिपल ठोस कचरे का उचित उपयोग भी हो सकेगा। इन सभी पदार्थों का उपयोग संपीडित बायो-गैस के निर्माण में किया जायेगा, इससे कृषि अवशेष को जलाने के कारण होने वाले वायु प्रदूषण तथा कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।

इससे उद्यमशीलता, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोज़गार तथा किसानों की आय में वृद्धि होती। इससे देश को जलवायु परिवर्तन के लिए निश्चित किये गये लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी सहायता मिलेगी। इसके अतिरिक्त प्राकृतिक गैस तथा कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी।

पृष्ठभूमि

बायो-गैस के निर्माण कृषि अवशेष, गोबर, ठोस कचरा, गन्ना अवशेष, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट वेस्ट इत्यादि से किया जाता है। बायोगैस के शुद्धिकरण तथा संपीडन के बाद संपीडित बायोगैस का निर्माण किया जाता है। इसमें 95% शुद्ध मीथेन की मात्र होती है। यह संघटन तथा उर्जा क्षमता में प्राकृतिक गैस की तरह ही होती है। संपीडित बायोगैस का उपयोग वाहनों में उपयोग होने वाले इंधन के विकल्प के रूप में किया जा सकता है। इसका उपयोग आने वाले वर्षों में CNG के स्थान पर किया जा सकता है।

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