SEZ

त्रिपुरा में प्रथम SEZ की स्थापना की जाएगी

भारत सरकार ने त्रिपुरा के सबरूम में SEZ (स्पेशल इकनोमिक ज़ोन) की स्थापना को मंज़ूरी है, इस SEZ में कृषि आधारित खाद्य प्रसंस्करण पर बल दिया जायेगा। केंद्र सरकार इस परियोजना में 1550 करोड़ रुपये निवेश करेगी।

मुख्य बिंदु

इस SEZ का विकास त्रिपुरा औद्योगिक विकास कारपोरेशन द्वारा किया जायेगा। इस SEZ में धागे, टायर, बांस उद्योग, कपडा उद्योग, वस्त्र उद्योग तथा कृषि-खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित किये जायेंगे।

SEZ के नियमों के मुताबिक उत्तर-पूर्वी राज्यों में SEZ का न्यूनतम क्षेत्रफल कम से कम 25 हेक्टेयर होना चाहिए। अब तक राज्य सरकार द्वारा 16.35 भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है। इसके अलावा 10.99 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। इस SEZ से 12,000 कुशल लोगों को नुकरी मिलेगी।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , , ,

संसद ने पारित किया विशेष आर्थिक क्षेत्र (संशोधन) बिल, 2019

संसद ने हाल ही में विशेष आर्थिक क्षेत्र (संशोधन) बिल, 2019 को पारित किया, इसके द्वारा ट्रस्टों को विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) में इकाई स्थापित करने की अनुमति प्रदान की गयी। यह 17वीं लोकसभा द्वारा पारित किया जाने वाला पहला कानून था। इस विधेयक ने विशेष आर्थिक क्षेत्र (संशोधन) अध्यादेश 2019 का स्थान लिया है, इस अध्यादेश को मार्च, 2019 में लागू किया गया था। इस विधेयक के द्वारा विशेष आर्थिक क्षेत्र अधिनियम, 2005 में संशोधन किया गया है।

मुख्य बिंदु

इस विधेयक में विशेष आर्थिक क्षेत्र अधिनियम, 2005 के सेक्शन 2 (v) में “व्यक्ति” की परिभाषा में संशोधन किया गया है, इसमें “ट्रस्ट” को भी शामिल किया गया है। ट्रस्ट के अलावा उन इकाइयों को भी शामिल किया गया है जिन्हें केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर अधिसूचित किया जा सकता है।

विशेष आर्थिक क्षेत्र अधिनियम, 2005 के सेक्शन 2 (v) के अनुसार किसी “व्यक्ति” द्वारा विशेष आर्थिक क्षेत्र की स्थापना के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किया जा सकता है। इस अधिनियम में “व्यक्ति” को भारत के निवासी अथवा अप्रवासी, हिन्दू अविभाजित परिवार, कोआपरेटिव सोसाइटी, कंपनी, फर्म इत्यादि को शामिल किया गया है।

आप इन अपडेट्स को करेंट अफेयर्स टूड़े मोबाइल एप्प में भी पढ़ सकते हैं।

Categories:

Month:

Tags: , , ,

Advertisement