अंतर्देशीय जलमार्ग के लिए नए मार्गों की खोज की गयी

हाल ही में बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय ने अंतर्देशीय जलमार्गों के लिए नए मार्गों की पहचान की है। इसका उद्देश्य अंतर्देशीय परिवहन को बल देना है, क्योंकि जलमार्गों के माध्यम से परिवहन अपेक्षाकृत सस्ता है और यह अधिक कुशल भी है। इसके लिए बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय ने घरेलू स्थानों के साथ-साथ 6 अंतर्राष्ट्रीय मार्गों की पहचान की  है। गौरतलब है कि बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय सागरमाला परियोजना के तहत तटीय शिपिंग को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रहा है।

मुख्य बिंदु

बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा चिन्हित किए गये स्थान इस प्रकार हैं :  ओखा, दिऊ, हजीरा, दाहेज, सोमनाथ मंदिर, जामनगर, मांडवी, कोच्चि, मुंबई / जेएनपीटी, गोवा, मुंद्रा, और घोघा।

बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा चिन्हित किये गये छह अंतर्राष्ट्रीय गंतव्य मार्ग हैं : सेशेल्स (पूर्वी अफ्रीका), चटोग्राम (बांग्लादेश), जाफना (श्रीलंका) और मेडागास्कर (पूर्वी अफ्रीका)।

प्रोजेक्ट सागरमाला

सागरमाला का लक्ष्य भारत के तटों के आसपास बंदरगाहों की एक श्रृंखला विकसित करना है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य देश की 7,500 किलोमीटर लंबी तटरेखा में बंदरगाह के नेतृत्व में विकास को बढ़ावा देना है। अंतर्देशीय जलमार्ग, रेल, सड़क और तटीय सेवाओं के विस्तार के माध्यम से विकास किया जायेगा। शिपिंग मंत्रालय इस योजना को लागू करने वाली नोडल एजेंसी है

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