अरावली जैव विविधता पार्क (Aravalli Biodiversity Park) को भारत की पहली OECM साइट घोषित किया गया

विश्व आर्द्रभूमि दिवस (World Wetlands Day) पर, यानी 2 फरवरी को, अरावली जैव विविधता पार्क (Aravalli Biodiversity Park) को पहले अन्य प्रभावी क्षेत्र-आधारित संरक्षण उपाय साइट (Other Effective Area – based Conservation Measures – OECM) के रूप में घोषित किया गया।

OECM क्या है?

OECM टैग International Union for Conservation of Nature (IUCN) द्वारा प्रदान किया जाता है। IUCN के अनुसार, OECM स्थल संरक्षित नहीं हैं, लेकिन जैव विविधता में समृद्ध हैं। अरावली पहाड़ियाँ देश की पहली OECM साइट हैं। अरावली को OECM बनाने का प्रस्ताव राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (National Biodiversity Authority) द्वारा किया गया था।

अरावली जैव विविधता पार्क (Aravalli Biodiversity Park) 

यह पार्क 390 एकड़ में फैला है। इसमें अर्ध-शुष्क वनस्पति पाई जाती है। इसमें 43,000 से अधिक झाड़ियाँ, 1,01,000 पेड़ और 300 स्थानिक पौधों की प्रजातियाँ हैं। पहले यह पार्क एक खनन स्थल था। स्थानीय आबादी के साथ पर्यावरणविदों, वैज्ञानिकों, पारिस्थितिकीविदों के अपार प्रयासों से इसे शहर के जंगल में बदल दिया गया। अरावली को दिल्ली का हरा फेफड़ा माना जाता है। अरावली दिल्ली को 7.07% ऑक्सीजन प्रदान करती है।

अरावली का महत्व

अरावली पश्चिम में रेगिस्तान और पूर्व में उपजाऊ भूमि के बीच एक बाधा के रूप में कार्य करती है। अरावली मानसूनी बादलों को रोकती है और नैनीताल और शिमला में वर्षा लाती है। यह पहाड़ी क्षेत्र के लिए भूजल पुनर्भरण के रूप में कार्य करती है।

ओईसीएम परिभाषा

OECM क्षेत्रों को 2018 में आयोजित जैविक विविधता सम्मेलन में परिभाषित किया गया था। OECM की परिभाषा इस प्रकार है:

“OECM एक संरक्षित क्षेत्र नहीं है। यह सकारात्मक परिणाम प्राप्त करने के लिए शासित किये जाते हैं। इन सकारात्मक परिणाम में शामिल हैं : जैव विविधता का संरक्षण, सांस्कृतिक, सामाजिक-आर्थिक और आध्यात्मिक मूल्यों को महत्व देना।”

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