असम ने लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई पुरस्कार (Lokapriya Gopinath Bordoloi Award) की घोषणा की

3 अक्टूबर, 2021 को उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू द्वारा “राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रीय योगदान 2021 के लिए लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई पुरस्कार” प्रदान किया गया।

मुख्य बिंदु 

  • कस्तूरबा गांधी राष्ट्रीय स्मारक ट्रस्ट की असम शाखा, शिलांग चैंबर क्वायर के साथ-साथ लेखक निरोद कुमार बरुआ को भी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • यह पुरस्कार असम के सबसे बड़े नागरिक पुरस्कारों में से एक है। इसमें 5 लाख रुपये के नकद पुरस्कार के साथ एक प्रशस्ति पत्र दिया जाता है।
  • यह पुरस्कार असम की प्रथम मुख्यमंत्री लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई के नाम से प्रदान किया जाता है। वह उत्कृष्ट उपलब्धियों के साथ एक बहुआयामी व्यक्ति थे। उन्हें 1999 में मरणोपरांत भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया था।

शिलांग चैंबर क्वायर (Shillong Chamber Choir)

शिलांग चैंबर क्कीवायर स्थापना 2001 में संस्थापक, संरक्षक और कंडक्टर नील नोंगकिनरिह (Neil Nongkynri) द्वारा की गई थी। इसके प्रदर्शनों की सूची में पश्चिमी शास्त्रीय संगीत जैसे बाख, हैंडेल, गेर्शविन और मोजार्ट के अलावा खासी लोक गीत और ओपेरा शामिल हैं। इस क्वायर ने पोलैंड, ब्रिटेन, स्विट्जरलैंड, इटली, श्रीलंका के साथ-साथ भारतीय शहरों दिल्ली, मुंबई, बैंगलोर और गुवाहाटी में प्रदर्शन किया है। साल 2021 में इसने रियलिटी टीवी शो इंडियाज गॉट टैलेंट जीता था।

लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई पुरस्कार (Lokapriya Gopinath Bordoloi Award)

यह असम के सबसे बड़े नागरिक पुरस्कारों में से एक है, जो विभिन्न क्षेत्रों के संस्थानों और व्यक्तियों को राष्ट्र के एकीकरण की दिशा में उनके अनुकरणीय योगदान का सम्मान करने के लिए दिया जाता है।

कस्तूरबा गांधी राष्ट्रीय स्मारक ट्रस्ट

इस ट्रस्ट की स्थापना 9 जनवरी, 1946 को हुई थी, जब महात्मा गांधी ने असम का दौरा किया था। यह ट्रस्ट ग्रामीण महिलाओं और बच्चों के लिए काम कर रहा है।

डॉ. निरोद कुमार बरुआ

वह जर्मनी में बेस्ड है। उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय से इतिहास और राजनीति विज्ञान में परास्नातक किया जबकि बॉन विश्वविद्यालय, जर्मनी से एम. फिल किया। उन्होंने लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई पर कई किताबें लिखी हैं।

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