असम में बोहाग बिहु पक्षी गणना 2021 शुरू हुई

14 अप्रैल, 2021 को असम में बोहाग बिहु पक्षी गणना (Bohag Bihu Bird Count) शुरू हुई। बोहाग बिहु पक्षी गणना Bird Count of India (BCI) द्वारा शुरू की गई थी। BCI एक गैर-सरकारी संगठन है। यह पहली बार है जब BCI बोहाग बिहु पक्षी गणना शुरू कर रहा है।

बोहाग बिहू (Bohag Bihu)

बोहाग बिहू को Xaat Bihu भी कहा जाता है। यह असम में मनाया जाने वाला पारंपरिक त्योहार है। यह असमिया नए साल की शुरुआत का प्रतीक है। बोहाग असमिया कैलेंडर है। बोहाग के साथ रोंगाली बिहू (Rongali Bihu) की शुरुआत होती है। रोंगाली बिहू असम के तीन सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। अन्य दो त्योहार कटि बिहू (Kati Bihu) और कोंगाली बिहू (Kongali Bihu) हैं।

रोंगाली बिहू (Rongali Bihu)

रोंगाली बिहू के दौरान, सर्दियों के दौरान असम और इसके आसपास के क्षेत्रों में आने वाले पक्षियों की कई प्रवासी प्रजातियां अपने घरों के लिए वापस जाने लगती हैं।

महत्व

इस तरह की पक्षी गणना को आयोजित करना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत में पक्षियों को निवास के नुकसान के कारण बढ़ते खतरों का सामना करना पड़ रहा है। State of India’s Birds, 2020 के अनुसार, निवास का नुकसान मुख्य रूप से मानव गतिविधियों, विषाक्त पदार्थों, शिकार इत्यादि के कारण होता है।

State of Birds 2020

स्टेट ऑफ़ बर्ड्स रिपोर्ट, 2020 के मुख्य निष्कर्ष निम्नलिखित हैं:

  • भारत में 867 पक्षी प्रजातियों में से 50% जनसंख्या में गिरावट दर्ज कर रहीं हैं।
  • 2000 के बाद से पश्चिमी घाट में पक्षियों की संख्या में 75% की गिरावट आई है।
  • भारत में लगभग 101 पक्षी प्रजातियों को “उच्च चिंता” श्रेणी में, “निम्न चिंता श्रेणी” में 442 और “मध्यम चिंता वर्ग” में 319 को रखा गया है।
  • घरेलु गौरैया की जनसंख्या स्थिर है।हालांकि, बड़े शहरों में उनकी आबादी घट रही थी। घरेलु गौरैया को “दिल्ली का राज्य पक्षी” घोषित किया गया है।
    • घरेलु गौरैया की आबादी मुख्यतः शहरों में घटती हुई कीट आबादी के कारण घट रही है।
  • भारत में बस्टर्ड (गोडावण) की जनसंख्या में भारी गिरावट आ रही है।ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, लेसर फ्लोरिकन, मैक्क्वीन्स बस्टर्ड और बंगाल फ्लोरिकन भी जनसंख्या में गिरावट से प्रभावित हैं।

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