आतंकवादियों द्वारा इंटरनेट के दुरुपयोग पर ब्रिक्स सेमिनार का आयोजन किया गया

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (National Investigation Agency) ने हाल ही में “आतंकवादियों द्वारा इंटरनेट का दुरुपयोग” पर ब्रिक्स देशों के साथ दो दिवसीय आभासी कार्यक्रम का आयोजन किया। भारत ने वर्ष 2021 के लिए ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालते हुए इस सेमिनार की मेजबानी की।

सेमिनार के बारे में

इस सेमिनार का आयोजन उभरती हुई तकनीकों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डार्क वेब, सोशल मीडिया का हथियार के रूप में उपयोग, क्रिप्टो करेंसी और वर्चुअल एसेट पर चर्चा करने के लिए किया गया था।

इंटरनेट कट्टरता (Internet Radicalisation)

आतंक के वित्तपोषण के लिए और कट्टरपंथीकरण के लिए आतंकवादियों द्वारा इंटरनेट का उपयोग आमतौर पर इंटरनेट कट्टरता (Internet Radicalisation) के रूप में जाना जाता है। आतंकवादी इंटरनेट का उपयोग धार्मिक, राजनीतिक या वैचारिक उद्देश्य के लिए हिंसा के लिए करते हैं। इसमें चित्र, वीडियो, भाषण शामिल हो सकते हैं जो हिंसा या घृणा को प्रोत्साहित करते हैं।

भारत और इंटरनेट कट्टरता

भारत के पश्चिमी तट के कई युवाओं को इंटरनेट कट्टरता का शिकार बनने की सूचना है। भारत में इंटरनेट की वृद्धि अब 500 मिलियन के करीब है और अभी भी बढ़ रही है। यह इंटरनेट रेडिकलाइजेशन को नियंत्रण में लाने में चुनौती का पैमाना दिखाता है।

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