केंद्र सरकार ने खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को बढ़ाने की घोषणा की

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए 2021-22 के लिए खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि को मंजूरी दे दी है।

मुख्य बिंदु

  • केंद्र सरकार ने धान के लिए MSP में 72 रुपये की वृद्धि की, यह अब 2021-22 की फसल के लिए 1,940 रुपये प्रति क्विंटल है।
  • तिल और उसके बाद अरहर और उड़द के लिए पिछले वर्ष की तुलना में एमएसपी में सबसे अधिक पूर्ण वृद्धि की सिफारिश की गई है।
  • मूंगफली और नाइजर बीज पर MSP में क्रमशः 275 रुपये प्रति क्विंटल और 235 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई।
  • फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभेदक पारिश्रमिक (differential remuneration) निर्धारित किया गया था।

पृष्ठभूमि

केंद्रीय बजट 2018-19 के अनुरूप खरीफ फसलों के लिए MSP में वृद्धि की गई थी, जिसमें MSP को अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत का कम से कम 1.5 गुना तय करने की घोषणा की गई थी।

न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP)

MSP वह दर है जिस पर सरकार किसानों से अनाज खरीदती है। यह एक कीमत है जो सरकारी एजेंसियां ​​​​विशेष फसल की खरीद के दौरान भुगतान करती हैं। MSP की सिफारिश कृषि लागत और मूल्य आयोग (Commission for Agricultural Costs & Prices – CACP) द्वारा 22 अनिवार्य फसलों और गन्ने के लिए उचित और लाभकारी मूल्य (fair & remunerative price – FRP) के लिए की जाती है। खरीफ सीजन की 14 फसलें, रबी सीजन की 6 फसलें और 2 अन्य व्यावसायिक फसलें अनिवार्य फसलें (mandated crops) हैं।

MSP फसलें

जिन फसलों पर MSP और FRP की सिफारिश की जाती है उनमें शामिल हैं-

  1. अनाज- धान, गेहूं, ज्वार, बाजरा, जौ, मक्का और रागी।
  2. दालें- चना, अरहर या अरहर, उड़द, मूंग और दाल।
  3. तिलहन- मूंगफली, सरसों, सोयाबीन, तोरिया, सूरजमुखी के बीज, कुसुम के बीज, तिल और नाइजर बीज,
  4. कच्चा कपास, कच्चा जूट, भूसी रहित नारियल, और
  5. गन्ना

Categories:

Tags: , , , , , ,

« »

Advertisement

Comments