केंद्र सरकार ने प्याज के निर्यात पर लगे प्रतिबंध को हटाया

हाल ही में भारत सरकार ने सभी प्रकार के प्याज के निर्यात पर लगे प्रतिबन्ध को हटा दिया है। सितम्बर में केंद्र सरकार ने यह प्रतिबंध लगाया था।

निर्यात पर प्रतिबंध क्यों?

सरकार द्वारा प्रतिबन्ध लगाने के पीछे दो बड़े कारण थे। पिछले कुछ दिनों में प्याज की थोक कीमतों में लगातार वृद्धि हुई है। चूंकि प्याज एक दैनिक उपभोग की वस्तु है, अतः इसकी मूल्य वृद्धि का सीधा असर लोगों पर पड़ता है। इसका दूसरा कारण सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी उच्च सीएफपीआई मूल्य था।

प्याज की कीमतों में वृद्धि क्यों हुई?

इस वर्ष देश में अगस्त में भारी वर्षा हुई। इसने उस तैयार फसल को बुरी तरह प्रभावित किया है जो इस साल भारतीय बाजार में आनी थी। मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी स्टॉक बुरी तरह प्रभावित हुआ।

आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 क्या है?

भारतीय अर्थव्यवस्था किसी दूसरी अर्थव्यवस्था की तरह मांग और आपूर्ति के आधार पर काम करती है। कीमतें स्पष्ट रूप से मांग और आपूर्ति द्वारा तय की जाती हैं। हालाँकि, उपभोक्ता के हितों की रक्षा के लिए कुछ कानून भारत सरकार को बाजार में हस्तक्षेप करने का अधिकार देते हैं। आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 ऐसे अधिनियमों में से एक है, जो सरकार को उचित मूल्य पर उपभोक्ताओं को आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन, आपूर्ति और वितरण को विनियमित करने का अधिकार देता है। हाल के बदलाव में, केंद्र सरकार ने युद्ध या प्राकृतिक आपदा जैसी चरम स्थितियों में वस्तुओं के स्टॉक की सीमा और आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है।

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