कैबिनेट में DTH में 100% FDI को मंज़ूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में डायरेक्ट टू होम (DTH) प्रसारण सेवाओं के लिए संशोधित दिशानिर्देशों को मंजूरी दी है। अब DTH में 100% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की मंज़ूरी दी गयी है। इसके साथ ही लाइसेंस की अवधि को बीस साल तक बढ़ा दिया है। इससे पहले, यह अवधि दस साल थी।

नए दिशानिर्देश

नए दिशानिर्देशों के मुताबिक लाइसेंस शुल्क को समायोजित सकल राजस्व के 8% तय किया गया है, पहले यह राशि 10% थी। प्रसारण फर्मों को लाइसेंस शुल्क का भुगतान तिमाही आधार पर करना होगा। वर्तमान में प्रसारण फर्में  वार्षिक आधार पर भुगतान कर रही हैं।

नए दिशानिर्देशों के तहत, भारत सरकार ने डीटीएच ऑपरेटरों को बुनियादी ढांचे को साझा करने की अनुमति दी है। सर्विस प्रोवाइडर ‘कंडीशनल एक्सेस सिस्टम एप्लीकेशन्स’ और ‘सब्सक्राइबर मैनेजमेंट सिस्टम’ के लिए कॉमन हार्डवेयर को साझा कर सकेंगे। इससे उपग्रह संसाधनों का अधिक कुशल उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। इससे उपभोक्ताओं द्वारा वहन की जाने वाली लागत में भी कमी आने के आसार हैं।

DTH क्या है?

यह डायरेक्ट टू होम सर्विस है। यह एक डिजिटल उपग्रह सेवा है जो उपग्रह प्रसारण के माध्यम से टेलीविजन सेवाएं प्रदान करती है। दूसरी ओर, एक केबल कनेक्शन में, केबल टीवी ऑपरेटर उपग्रह से संकेत प्राप्त करते हैं और केबल के माध्यम से आस-पास के क्षेत्रों में उन्हें ट्रांसमिट करते हैं। डीटीएच में, ग्राहक सीधे उपग्रहों से जुड़े होते हैं।

भारत में डीटीएच मार्केट

भारत दुनिया का सबसे बड़ा डीटीएच बाजार है। दिसंबर 2019 तक, देश में 69.98 मिलियन सक्रिय डीटीएच ग्राहक थे। भारत में चार प्रमुख डीटीएच प्रदाता डीडी फ्री डिश, डिश टीवी, टाटा स्काई, एयरटेल डिजिटल टीवी और सन डायरेक्ट हैं।

डीटीएच नेटवर्क में उपग्रह

वर्तमान में भारत को डीटीएच सेवाएं प्रदान करने के लिए आठ उपग्रह कार्य कर रहे हैं। वे हैं : डिश टीवी द्वारा संचालित NSS-6, Sun Direct द्वारा संचालित MEASAT-3, Airtel द्वारा संचालित SES-7, AsiaSat 5, Dish TV द्वारा संचालित ST-2, Tata Sky द्वारा संचालित GSAT-10 और Sun Direct द्वारा संचालित GSAT-15 हैं।

Categories:

Tags: , , , , , , , ,

« »

Advertisement

Comments