चंद्रयान-2 (Chandrayaan-2) अंतरिक्ष यान ने चंद्रमा के चारों ओर 9,000 परिक्रमा पूरी की

भारत के चंद्रयान-2 (Chandrayaan-2) अंतरिक्ष यान ने चंद्रमा के चारों ओर 9,000 से अधिक परिक्रमाएं पूरी कर ली हैं। इस स्पेसक्राफ्ट पर इमेजिंग और अन्य वैज्ञानिक उपकरण तब से उत्कृष्ट उपयोगी डेटा प्रदान कर रहे हैं।

चंद्र विज्ञान कार्यशाला 2021 (Lunar Science Workshop 2021)

चंद्र विज्ञान कार्यशाला 2021 भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला है। यह कार्यशाला 6 सितंबर, 2021 को शुरू हुई। इसका आयोजन चंद्रमा की कक्षा में चंद्रयान -2 के संचालन के दो साल पूरे होने के उपलक्ष्य में किया गया था। छात्रों, शिक्षाविदों और संस्थानों तक प्रभावी ढंग से पहुंचने के लिए इस कार्यशाला को इसरो की वेबसाइट और फेसबुक पेज पर लाइव-स्ट्रीम किया गया था।

चंद्रयान-2 के दो साल

  • इसरो के अध्यक्ष के. सिवन के अनुसार, चंद्रयान -2 में 8 पेलोड शामिल हैं और यह चंद्रमा की सतह से 100 किमी की ऊंचाई पर चंद्रमा के रिमोट सेंसिंग और अवलोकन कर रहे हैं।
  • इस अवसर पर के. सिवन ने चंद्रयान-2 ऑर्बिटर पेलोड से डेटा के अलावा डेटा उत्पाद और विज्ञान दस्तावेज भी जारी किए।
  • शिक्षाविदों और संस्थानों को उनका विश्लेषण करने के लिए विज्ञान डेटा उपलब्ध कराया जा रहा है।

चंद्रयान-2 मिशन

चंद्रयान -1 के बाद यह भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा लांच किया गया दूसरा चंद्र अन्वेषण मिशन है। इसमें स्वदेश में विकसित लूनर ऑर्बिटर, विक्रम लैंडर और प्रज्ञान लूनर रोवर शामिल हैं। इस मिशन को चंद्र सतह की संरचना, स्थान और चंद्र जल की प्रचुरता में भिन्नता के मानचित्रण और अध्ययन के उद्देश्य से लांच किया गया था।

चंद्रयान-2 का लांच

चंद्रयान -2 को 22 जुलाई, 2019 को GSLV मार्क III-M1 द्वारा चंद्रमा पर लॉन्च किया गया था। यह 20 अगस्त, 2019 को चंद्रमा की कक्षा में पहुंचा। इसने विक्रम लैंडर को उतारने के लिए कक्षीय स्थिति निर्धारण अभ्यास शुरू किया। लैंडर और रोवर को चंद्रमा के निकट दक्षिण ध्रुवीय क्षेत्र में उतरना था और एक चंद्र दिवस के लिए अनुसंधान करना था। हालांकि, लैंडर अपने इच्छित प्रक्षेपवक्र (trajectory) से भटकने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

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