चीन ने शुरू किया बैहेतन हाइड्रो प्रोजेक्ट (Baihetan Hydro Project)

चीन ने विशाल बैहेतन (Baihetan) जलविद्युत संयंत्र की दो इकाइयों को ऑपरेशनलाइज किया, जो दुनिया भर में निर्माणाधीन सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना है।

मुख्य बिंदु

  • दक्षिण पश्चिम चीन में यांग्त्ज़ी (Yangtze) नदी ने पहली बार बिजली पैदा की।
  • पनबिजली परियोजना के पहले दो 1-गीगावाट (GW) टर्बाइन 28 जून से शुरू हुए तीन दिवसीय परीक्षण के बाद औपचारिक संचालन में जाएंगे।

बैहेतन जलविद्युत परियोजना (Baihetan Hydro Project)

  • इस पनबिजली परियोजना का निर्माण चाइना थ्री गोरजेस कॉरपोरेशन (China Three Gorges Corporation) ने किया है जो दुनिया के सबसे बड़े हाइड्रोपावर प्लांट का संचालक है।
  • यह थ्री गोरजेस डैम (Three Gorges Dam) युन्नान और सिचुआन के दक्षिण-पश्चिमी प्रांतों के बीच की सीमा पर स्थित है।
  • इसका निर्माण जिंशा नामक यांग्त्ज़ी नदी के अपस्ट्रीम खंड पर किया गया था।
  • इस परियोजना की कुल स्थापित क्षमता 16 मिलियन किलोवाट है।
  • हाइड्रोपावर स्टेशन 16 हाइड्रो-जनरेटिंग यूनिट्स से लैस है।प्रत्येक इकाई की क्षमता 1 मिलियन किलोवाट है। यह दुनिया भर में सबसे बड़ी एकल-इकाई क्षमता है।

पृष्ठभूमि

1 जुलाई को चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की 100वीं वर्षगांठ की पृष्ठभूमि में बांध का संचालन किया गया है। यह परियोजना बड़े पैमाने पर परियोजनाओं की योजना बनाने और उन्हें पूरा करने में चीन की दक्षता का प्रतीक है।

यांग्ज़ी नदी (Yangtze River)

यह एशिया की सबसे लंबी और दुनिया की तीसरी सबसे लंबी नदी है। यह नदी पूरी तरह से एक देश के भीतर बहने वाली दुनिया की सबसे लंबी नदी भी है। यह तिब्बती पठार में तंगगुला पर्वत में जरी पहाड़ी से निकलती है और पूर्वी चीन सागर में बहने के लिए पूर्व दिशा में 6,300 किमी तक बहती है। इसे दुनिया में डिस्चार्ज वॉल्यूम के हिसाब से छठी सबसे बड़ी नदी माना जाता है।

जिंशा नदी (Jinsha River)

यह यांग्त्ज़ी नदी के ऊपरी हिस्सों का चीनी नाम है। यह नदी पश्चिमी चीन में किंघई, सिचुआन और युन्नान प्रांतों में बहती है। यह टाइगर लीपिंग गॉर्ज से होकर गुजरती है। यह पनबिजली पैदा करने में महत्वपूर्ण है। जिंशा नदी पर दुनिया के कई सबसे बड़े हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर स्टेशन बनाए गए हैं।

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