टाइग्रे संकट : इथियोपिया ने TPLF और OLF Shene को आतंकवादियों सूची में शामिल किया

इथियोपिया सरकार ने हाल ही में टाइग्रे पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट (TPLF) और OLF-Shene को अपनी आतंकवादियों सूची में शामिल किया है। 2020 में, इथियोपिया ने टाइग्रे पीपल लिबरेशन फ्रंट (Tigray People Liberation Front) के खिलाफ एक बड़े सैन्य अभियान की शुरुआत की।

टाइग्रे पीपल्स लिबरेशन फ्रंट (Tigray People’s Liberation Front)

यह एक राजनीतिक पार्टी है। इसकी स्थापना 1975 में इथियोपिया में हुई थी। इसके अलावा,  TPLF एक सशस्त्र जातीय राष्ट्रवादी विद्रोही समूह है। टाइग्रे राज्य सरकार और इथियोपिया सरकार के बीच यह संघर्ष 30 साल से चल रहा है। हॉर्न ऑफ अफ्रीका (Horn of Africa) पर इन संघर्षों का भारी प्रभाव है।

टाइग्रे संकट क्या है? (What is the Tigray Crisis?)

इथियोपिया में 1994 से संघीय प्रणाली है। इस प्रणाली के तहत, विभिन्न जातीय समूह देश में 10 अलग-अलग क्षेत्रों को नियंत्रित करते हैं। इसी कड़ी में, TLPF टाइग्रे क्षेत्र को नियंत्रित करता है।

1991 में, सैन्य शासन को सत्ता से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद, इथियोपिया पर शासन करने के लिए चार-पक्षीय गठबंधन शुरू हुआ। इस गठबंधन को “The Prosperity Party” कहा जाता है।

इस गठबंधन पार्टी सरकार के तहत अबी अहमद अली (Abiy Ahmed Ali) को इथियोपिया का प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया था। राजनीति के उदारीकरण ने अंततः टाइग्रे की सरकार में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कई प्रमुख नेताओं को हटा दिया। अबी ने इरिट्रिया के साथ लंबे समय से चले आ रहे क्षेत्रीय विवाद को भी समाप्त कर दिया। इसके लिए उन्हें 2019 में नोबेल शांति पुरस्कार प्रदान किया गया था।

टाइग्रे के नेताओं के अनुसार, इन सुधारों को सत्ता को केंद्रीकृत करने के प्रयास के रूप में देखा गया था। उनके अनुसार, यह अंततः देश में संघीय व्यवस्था को नष्ट कर देगा।

2020 में, कोविड-19 के कारण क्षेत्रीय चुनावों को स्थगित करने के केंद्र सरकार के आदेश से टाइग्रे के नेता असहमत थे। उन्होंने इसे स्थगित करने के बजाय नियत तिथि के अनुसार चुनाव कराया। इसके बाद, केंद्र सरकार ने टाइग्रे के प्रशासन को फंड रोक दिए। इसके जवाब में, टाइग्रे के प्रशासन ने इसे “युद्ध की घोषणा” के रूप में चिह्नित किया।

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