‘डबल म्यूटेंट’ वायरस क्या है?

स्वास्थ्य मंत्रालय ने पुष्टि की है कि, “डबल म्यूटेंट” कोरोनावायरस संस्करण जो म्यूटेशन के संयोजन के साथ आता है, भारत में पाया गया है।वैज्ञानिक जाँच कर रहे हैं कि क्या इससे संक्रामकता बढ़ी है या यह COVID-19 को और अधिक गंभीर बना रहा है।

मुख्य बिंदु

Indian SARS-CoV-2 Consortium on Genomics (INSACOG) ने महाराष्ट्र, दिल्ली, पंजाब और गुजरात से कुछ 200 वायरस के नमूनों में दो उत्परिवर्तन, E484Q और L22R की उपस्थिति का खुलासा किया है।

डबल म्यूटेंट वेरिएंट (Double Mutant Variant)

दुनिया के कई हिस्सों में SARS-CoV-2 के अन्य वेरिएंट में दो उत्परिवर्तन को व्यक्तिगत रूप से पहचाना गया है। वे टीका प्रभावकारिता और संक्रामकता में कमी के साथ जुड़े रहे हैं। इस वैरिएंट के संयुक्त प्रभाव और जैविक निहितार्थ को समझा जाना अभी बाकी है।

डबल म्यूटेंट वेरिएंट पर वैक्सीन प्रभावकारिता

भारत ने इन वेरिएंट पर अभी तक वैक्सीन की प्रभावकारिता पर अध्ययन नहीं किया है। हालांकि, अंतर्राष्ट्रीय अध्ययनों ने SARS-CoV-2 के कुछ वेरिएंट्स पर Pfizer, Moderna और Novavax जैसे टीकों की कम प्रभावकारिता दिखाई है।

जांच के तहत वेरिएंट

N440K उत्परिवर्तन प्रतिरक्षा से बचने के साथ जुड़ा हुआ है और यह अब तक 123 नमूनों में पाया गया है। यह उत्परिवर्तन पहले आंध्र प्रदेश से 33% नमूनों में पाया गया था। यह अन्य 16 देशों जैसे डेनमार्क, सिंगापुर, यूके, जापान और ऑस्ट्रेलिया में भी दर्ज किया गया है।

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