डिजिटल गवर्नमेंट मिशन (Digital Government Mission) क्या है?

डिजिटल गवर्नमेंट मिशन को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा लॉन्च किया गया था। यह मिशन नागरिकों को सरकारी सेवाएं प्रदान करेगा। यह सेवाएं देने के लिए मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करेगा।

यह मिशन कैसे काम करेगा?

यह स्वचालित प्रक्रियाओं को आत्मसात करता है। उदाहरण के लिए, छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले छात्र को सीधे संबंधित विभाग से अलर्ट प्राप्त होगा। उसे पूछताछ करने की जरूरत नहीं है। यह सार्वजनिक वितरण प्रणाली (public distribution system) के तहत खाद्यान्न तक आसान पहुंच भी प्रदान करता है। इसमें ड्राइवर लाइसेंस का नवीनीकरण, सरकार द्वारा जारी दस्तावेजों के नवीनीकरण के लिए रिमाइंडर शामिल हैं।

मिशन का उद्देश्य

इस मिशन का उद्देश्य किसी योजना के बारे में पूछताछ शुरू करने से पहले ही नागरिकों तक लाभ पहुंचाना है। यह ई-गवर्नेंस का अगला चरण है।

पृष्ठभूमि

भारत सरकार ने 15 साल पहले ई-गवर्नेंस की शुरुआत की थी। तब से इसने आयकर, प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, भूमि रिकॉर्ड आदि को डिजिटल कर दिया है। साथ ही, भारत सरकार ने 2020 में NODE (National Open Digital Ecosystem) लॉन्च किया। इसका उद्देश्य UPI, GST, आधार की सफलता को दोहराना है।

इस मिशन को अच्छी तरह से निर्मित प्लेटफॉर्म डिजिटल इंडिया, आधार, ICT का उपयोग कर शिक्षा पर राष्ट्रीय मिशन, डिजिटधन अभियान, BPO योजना और UPI द्वारा सहायता प्रदान की जाएगी। ये अच्छी तरह से स्थापित प्रणालियां नींव के रूप में कार्य करेंगी।

लाभ

अतीत में, भारत सरकार और कई अन्य राज्य सरकारों ने सरकारी सेवाओं को डिजिटाइज़ करने के लिए पहल की है। हालांकि, सभी सेवाओं को एक मंच के तहत संयोजित करने के लिए कोई सामान्य इंटरफ़ेस नहीं है। डिजिटल गवर्नमेंट मिशन सभी डिजिटल पहलों को एक छत के नीचे लाकर इस समस्या का समाधान करेगा।

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