ड्राई स्वैब-डायरेक्ट आरटी-पीसीआर परीक्षण विधि क्या है?

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने COVID-19 वायरस का परीक्षण करने के लिए “ड्राई स्वैब-डायरेक्ट आरटी-पीसीआर परीक्षण विधि” को मंजूरी दे दी है।

मुख्य बिंदु

  • इस विधि को CSIR-Centre for Cellular and Molecular Biology (CCMB) द्वारा विकसित किया गया है।
  • यह विधि पारंपरिक मानक आरटी-पीसीआर विधि का एक सरल रूपांतर है।

ड्राई स्वैब-डायरेक्ट आरटी-पीसीआर परीक्षण विधि

यह ड्राई स्वैब-डायरेक्ट आरटी-पीसीआर परीक्षण विधि COVID-19 वायरस के परीक्षण के लिए एक आरएनए-एक्सट्रैक्शन फ्री परीक्षण विधि है। इस पद्धति को विकसित करने का उद्देश्य टेस्टिंग को दो से तीन गुना तक बढ़ाना है।

इस परीक्षण विधि के लिए संसाधनों में निवेश की आवश्यकता नहीं है। इस विधि की लागत भी कम है।

इस परीक्षण में सूखी अवस्था में नेज़ल स्वैब का संग्रहण और परिवहन शामिल है। इस प्रकार, इसका परिवहन और हैंडलिंग आसान है और इसमें संक्रमण फैलने की संभावना भी कम  है।

यह परीक्षण विधि क्यों विकसित की गई है?

अप्रैल 2020 से, CSIR-CCMB कोरोनावायरस के नमूनों के परीक्षण में शामिल है। इसने हाल ही में संवहन परीक्षण प्रक्रिया (convectional testing process) में कुछ प्रमुख मुद्दों की पहचान की है जो परीक्षण प्रक्रिया को धीमा कर देते हैं। कोरोनोवायरस परीक्षण प्रक्रिया को तेज और सरल बनाने के लिए ड्राई स्वैब परीक्षण विधि विकसित की गयी है।

यह पारंपरिक परीक्षण विधि से अलग कैसे है?

पारंपरिक परीक्षण विधि में, नासॉफिरिन्जियल या ऑरोफरीन्जियल स्वैब के नमूनों को एकत्रित किया जाता है और उन्हें परीक्षण केंद्रों में पहुंचाया जाता है। उन्हें सैकड़ों किलोमीटर दूर ले जाया जाता है। इन नमूनों को एक लिक्विड वायरल ट्रांसपोर्ट मीडियम (VTM) में रखा जाता है। रिसाव से बचने के लिए इन नमूनों को भारी मात्रा में पैक किया जाता है। इससे नमूने के एकत्रित करने में भी ज्यादा समय लगता है और उसकी प्रोसेसिंग में भी ज्यादा समय लगता है।

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