ड्राफ्ट नेशनल ई-कॉमर्स पॉलिसी – मुख्य बिंदु

सरकार राष्ट्रीय ई-कॉमर्स नीति के माध्यम से व्यक्तिगत और गैर-व्यक्तिगत डेटा के लिए नियमों को विकसित करने पर चर्चा कर रही है। यह नीति इस बात पर प्रकाश डालती है कि सरकार ने किसी भी उद्योग के विकास के लिए डेटा के उपयोग के बारे में सिद्धांतों को निर्धारित किया है, जहां इस तरह के मानदंड प्रभावी नहीं हैं। इस  मसौदा नीति के साथ, सरकार ने पर्याप्त सुरक्षा की व्यवस्था की है, जो अनधिकृत व्यक्तियों द्वारा डेटा के दुरुपयोग और पहुंच को रोकने का प्रयास करती है।

मुख्य बिंदु

इस मसौदा नीति में कहा गया है कि, औद्योगिक विकास के लिए डेटा साझा करने को प्रोत्साहित किया जाएगा और यह डेटा को विनियमित करने के लिए एक साझाकरण तंत्र भी प्रदान करेगा। सरकार किसी भी ई-कॉमर्स, उद्योग, उपभोक्ता संरक्षण, आर्थिक सुरक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून प्रवर्तन के लिए डेटा का उपयोग करने के लिए सिद्धांतों का निर्माण करेगी। यह मसौदा नीति किसी भी अनधिकृत व्यक्तियों द्वारा डेटा के दुरुपयोग की सुरक्षा करना चाहती है। यह मसौदा इस बात पर प्रकाश डालता है कि, सरकार डेटा के महत्व को पहचानती है।

ई-कॉमर्स नीति

ई-कॉमर्स नीति का मसौदा उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा जारी किया गया था। ई-कॉमर्स नीति डेटा प्राइवेसी, लेवल प्लेइंग फील्ड के रख-रखाव और सेक्टर-कंज्यूमर प्रोटेक्शन से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए कई विनियमन रणनीतियों को पूरा करती है।

नीति की आवश्यकता

भारत में उपयोगकर्ताओं का औसत इंटरनेट उपयोग समय के साथ बढ़ा है। वर्ष 2014 में, भारत में औसत मासिक डेटा की खपत केवल 0.26 जीबी प्रति व्यक्ति थी जो 2017 तक बढ़कर 4 जीबी हो गई थी। इंटरनेट उपयोग में इस वृद्धि का मतलब है कि अधिक डेटा उत्पन्न हो रहा है। इस प्रकार, गोपनीयता और उपभोक्ता संरक्षण को प्राथमिकता देकर अधिक विनियमन की आवश्यकता महसूस की गई।

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