दिल्ली में सांपों की 8 नई प्रजातियां दर्ज की गईं

दिल्ली विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा पांच साल के व्यापक अध्ययन के बाद, दिल्ली में सांपों की सूची में आठ और प्रजातियों को जोड़ा गया है।

मुख्य बिंदु

  • आठ प्रजातियों को शामिल करने के साथ, दिल्ली में दर्ज सांपों की प्रजातियों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है।
  • इसने “Fauna of Delhi” पुस्तक में उल्लिखित 1997 की सूची को अपडेट किया है। दिल्ली में देशी प्रजातियों को ट्रैक करने के लिए इस पुस्तक का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।
  • यह अध्ययन दिल्ली विश्वविद्यालय में पर्यावरण अध्ययन विभाग के शोधकर्ता गौरव बरहदिया (Gaurav Barhadiya) द्वारा किया गया था।
  • इस अध्ययन के अनुसार, 23 प्रजातियों और 9 परिवारों में 329 सांप हैं।

नई प्रजातियाँ

कॉमन ब्रोंजबैक ट्री स्नेक, कॉमन कैट स्नेक, कॉमन ट्रिंकेट स्नेक, कॉमन कुकरी, कॉमन सैंड बोआ, बैरड वुल्फ स्नेक, स्ट्रीक्ड कुकरी, और सॉ-स्केल्ड वाइपर सांपों की नई प्रजातियाँ जोड़ी गयी हैं।

डेटा कैसे एकत्र किया गया था?

डेटा एकत्र करने के लिए पिटफॉल ट्रैप, रोड किल्स एनकाउंटर और नोक्चुरल रोड क्रूज़िंग जैसी तकनीकों का उपयोग किया गया था। सांपों के बचाव के बारे में माध्यमिक जानकारी गैर सरकारी संगठनों जैसे वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया और फॉना फाउंडेशन ऑफ इंडिया से ली गई थी।

जनसंख्या पर चिंता

शहरों में सांपों सहित सरीसृप आबादी के लिए तेजी से शहरीकरण चिंता का मुख्य कारण है। बढ़ते शहरीकरण के साथ हरित स्थान कम हो रहे हैं। इस प्रकार, भविष्य की योजना में हरित स्थानों और वन्यजीवों के संरक्षण की योजनाएँ शामिल होनी चाहिए।

संरक्षण के लिए दिल्ली एक महत्वपूर्ण स्थल कैसे है?

दिल्ली संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण स्थल है क्योंकि यह प्राचीन अरावली पहाड़ों का एक हिस्सा है। हालाँकि, यह अब या तो शहरी जंगलों या शहरी पार्कों के रूप में विखंडित हो गया है। इसके बावजूद यह घरों, बगीचों और औद्योगिक क्षेत्रों में नियमित रूप से सांपों की घटनाओं का अनुभव करता है। इस प्रकार, दिल्ली में अभी भी अच्छी क्षमता है और यह देशी वनस्पतियों, जीवों और जैव विविधता के संरक्षण का अवसर प्रदान करती है।

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