दुशांबे में SCO बैठक : मुख्य बिंदु

दुशांबे में SCO की बैठक के दौरान भारत ने शंघाई सहयोग संगठन (Shanghai Cooperation Organisation – SCO) के सदस्यों से आतंकवाद और आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ कार्रवाई करने का आह्वान किया।

मुख्य बिंदु 

  • इस बैठक में अफगानिस्तान में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति पर व्यापक चर्चा की गयी।
  • इस बैठक में SCO और SCO सदस्यों के साथ पर्यवेक्षक का दर्जा रखने वाले देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
  • भारत के विदेश मंत्री एस .जयशंकर ने SCO राज्यों के अपने समकक्षों के साथ शामिल होने पर इन मुद्दों को उठाया।
  • सदस्यों द्वारा अफगानिस्तान, सार्वजनिक स्वास्थ्य और आर्थिक सुधार पर मुख्य रूप से चर्चा की गयी। इसके अलावा, आतंकवाद और उग्रवाद का मुकाबला करने के मुद्दों को उठाया गया था। 

भारत की मांग

  • भारत ने आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने की मांग की।
  • इसने कोविड-19 के खिलाफ शीघ्र सार्वभौमिक टीकाकरण की आवश्यकता का भी आग्रह किया।
  • भारतीय मंत्री ने सुधारित बहुपक्षवाद पर भी बल दिया।

शंघाई सहयोग संगठन (Shanghai Cooperation Organisation – SCO)

SCO, जिसे शंघाई पैक्ट भी कहा जाता है, एक यूरेशियन राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा गठबंधन है। SCO बनाने की घोषणा 15 जून, 2001 को शंघाई, चीन में की गई थी। यह प्रस्ताव चीन, कजाकिस्तान, रूस, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उजबेकिस्तान के नेताओं ने रखा था।

किस चार्टर के कारण SCOका निर्माण हुआ?

शंघाई सहयोग संगठन चार्टर पर जून, 2002 में हस्ताक्षर किए गए थे जिसने औपचारिक रूप से संगठन की स्थापना की थी। 

पृष्ठभूमि

SCO के मूल पांच सदस्य; चीन, रूस, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान और किर्गिस्तान; पहले शंघाई फाइव ग्रुप के सदस्य थे जिसे अप्रैल, 1996 में स्थापित किया गया था। तब से, संगठन ने अपनी सदस्यता को आठ देशोंमें विस्तारित किया है। SCO के नवीनतम सदस्य भारत और पाकिस्तान हैं। दोनों देश 9 जून, 2017 को SCO के अस्ताना शिखर सम्मेलन में पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल हुए थे।

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