देश भर में मनाई जा रही है श्री अरबिंदो (Sri Aurobindo) की 150वीं जयंती

श्री अरबिंदो घोष की 150वीं जयंती मनाने के लिए, केंद्र सरकार 12 अगस्त से 15 अगस्त, 2022 तक भारत की 75 जेलों में आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित कर रही है। यह कार्यक्रम श्री अरबिंदो के दर्शन को आत्मसात करके कैदियों के जीवन को बदलने में मदद करेगा।

मुख्य बिंदु 

  • संस्कृति मंत्रालय ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम के साथ उनके जुड़ाव पर विचार करके, भारत में 75 जेलों को चिह्नित किया है।
  • जेल में बंद कैदियों को श्री अरबिंदो का दर्शन सिखाकर तथा योग एवं ध्यान का अभ्यास कराकर उनके जीवन में परिवर्तन लाने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।
  • संस्कृति मंत्रालय द्वारा आध्यात्मिक नेताओं और संगठनों के सहयोग से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

23 राज्यों में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए भागीदारी करने वाले संगठनों में शामिल हैं;

  • रामकृष्ण मिशन
  • पतंजलि
  • आर्ट ऑफ लिविंग
  • ईशा फाउंडेशन 
  • सत्संग फाउंडेशन

श्री अरबिंदो की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। इसमें 53 सदस्य शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने 24 दिसंबर, 2021 को इसकी बैठक की अध्यक्षता की थी।

श्री अरबिंदो (Sri Aurobindo)

श्री अरबिंदो एक भारतीय दार्शनिक, महर्षि, योग गुरु, कवि और भारतीय राष्ट्रवादी थे। वे वंदे मातरम जैसे समाचार पत्रों के संपादक भी थे।उन्होंने अंग्रेजों से स्वतंत्रता के लिए भारतीय आंदोलन में भाग लिया। 1910 तक, वह स्वतंत्रता आंदोलन के प्रभावशाली नेताओं में से थे। बाद में, वे आध्यात्मिक सुधारक बन गए और मानव प्रगति और आध्यात्मिक विकास पर अपने विचारों को सामने रखा। उनका जन्म 15 अगस्त, 1872 को कलकत्ता में हुआ था और मृत्यु पांडिचेरी (पुदुचेरी) में हुई थी। पुडुचेरी में, श्री अरबिंदो आश्रम की स्थापना 1926 में हुई थी।

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