फास्टैग (FASTag) क्या है?

FASTag इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रहण प्रणाली है। भारत सरकार पिछले कुछ समय से इस प्रणाली को लागू करने के लिए कार्य कर रही है। परन्तु इसे अब तक कई बार आगे बढ़ाया गया है। पहले केंद्र सरकार ने 1 जनवरी, 2021 से फास्टैग (FASTag)  को देशभर में अनिवार्य बनाने की योजना बनाई थी। परन्तु अब केंद्र सरकार ने इसे 15 फरवरी, 2021 से अनिवार्य करने का निर्णय लिया है।

FASTag क्या है?

FASTag इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रहण प्रणाली है, इसका संचालन राष्ट्रीय उच्चमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा किया जा रहा है। FASTag के द्वारा टोल प्लाजा में रुके बिना ही व्यक्ति के खाते से टोल चार्ज अपने आप कट जायेगा, अब टोल कर अदा करने के लिए गाड़ी रोकने की ज़रुरत नहीं पड़ेगी।

FASTag एक प्रीपेड अकाउंट से जुड़े हुए होते हैं, इसके द्वारा टोल प्लाजा से गुजरते हुए व्यक्ति के खाते से टोल अपने आप ही कट जायेगा। FASTag के लिए रेडियो-फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जा रहा है। फास्टैग को बैंकों की वेबसाइटों से, ऑनलाइन वॉलेट से और विभिन्न पेमेंट एप्लीकेशन से रिचार्ज किया जा सकता  है।

FASTag की विशेषताएं

  • FASTag को ग्राहक अपनी पसंद के बैंक खाते से लिंक कर सकते हैं।
  • इससे ग्राहकों को काफी सुविधा होगी।
  • FASTag एप्प की सहायता से किसी भी FASTag को रिचार्ज किया जा सकता है।
  • बाद में FASTag का उपयोग पेट्रोल पंप पर इंधन को खरीदने के लिए भी किया जा  सकता है।

रेडियो-फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन टेक्नोलॉजी (RFID)

रेडियो-फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन टेक्नोलॉजी इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड का उपयोग करती है, यह उन टैग्स को डिटेक्ट करती है जिनमे इलेक्ट्रानिकली सूचना स्टोर की जाती है।

एक द्वि-मार्गीय रेडियो ट्रांसमीटर-रिसीवर टैग के लिए सिग्नल भेजता है तथा उसकी प्रतिक्रिया का अध्ययन करता है। RFID रीडर टैग के लिए एक एनकोडेड रेडियो सिग्नल भेजता है। टैग इस सिग्नल को रिसीव करता है तथा अपनी पहचान के साथ कुछ और सूचना को वापस भेजता है।

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