भारतीय वायुसेना 10 एंटी-ड्रोन सिस्टम खरीदेगी

जम्मू में भारतीय वायु सेना (IAF) स्टेशन पर एक ड्रोन हमले के बाद, वायु सेना ने भविष्य में सीमावर्ती क्षेत्रों में इस तरह के हमलों को रोकने के लिए 10 एंटी-ड्रोन सिस्टम खरीदने का फैसला किया है।

मुख्य बिंदु

  • वायुसेना ने Counter Unarmed Aircraft System (CUAS) के लिए भारतीय विक्रेताओं से Request for Information (RFI) जारी किया है।
  • Counter Unarmed Aircraft System (CUAS) को दुष्ट ड्रोन को नष्ट करने के लिए लेजर-निर्देशित ऊर्जा हथियारों (laser-directed energy weapons) से लैस किया जा सकता है।

पृष्ठभूमि

27 जून, 2021 को जम्मू वायु सेना स्टेशन पर ड्रोन हमला किया गया था, जहां दो मानव रहित हवाई वाहनों का इस्तेमाल बम गिराने के लिए किया गया था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी फिलहाल इस मामले की जांच कर रही है।

Counter Unarmed Aircraft System (CUAS)

CUAS का उद्देश्य शत्रुतापूर्ण Unarmed Aircraft System (UAS) का पता लगाना, पहचान करना, ट्रैक करना, नामित करना और बेअसर करना है। किल विकल्प के रूप में लेजर निर्देशित ऊर्जा हथियार (Laser-DEW) आवश्यक है। इस सिस्टम को सॉफ्ट किल विकल्प के रूप में ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट जैमर सिस्टम (GNSS) और रेडियो फ्रीक्वेंसी जैमर से लैस करने की आवश्यकता है, जबकि ड्रोन को नष्ट करने के लिए लेजर-आधारित डायरेक्टेड एनर्जी वेपन (Laser-DEW) एक हार्ड किल विकल्प के रूप में आवश्यक है।

CUAS  के लिए क्या आवश्यकताएं हैं?

इसे UAS के लिए प्रभावी नो-फ्लाई जोन लागू करने के लिए मल्टी-सेंसर और मल्टी-किल समाधान भी प्रदान करना चाहिए। इसके परिणामस्वरूप आसपास के वातावरण में न्यूनतम संपार्श्विक क्षति (minimal collateral damage) होनी चाहिए। यह ऑपरेटर के लिए समग्र वायु स्थितिजन्य चित्र (composite air situational picture) भी उपलब्ध करवाना चाहिए। मोबाइल कॉन्फ़िगरेशन में ऐसे एंटी-ड्रोन सिस्टम की आवश्यकता होती है जो क्रॉस कंट्री क्षमता वाले स्वदेशी वाहनों पर लगाए जाते हैं। इसे स्वदेशी Electrical Power Supply (EPS) प्रणाली द्वारा संचालित किया जाना चाहिए। यह सड़क और हवाई परिवहन योग्य होना चाहिए।

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