भारत और ऑस्ट्रेलिया ने वर्चुअल शिखर सम्मेलन का आयोजन किया

21 मार्च को भारत और ऑस्ट्रेलिया ने वर्चुअल समिट का आयोजन किया। इस शिखर सम्मेलन में महत्वपूर्ण निवेश, महत्वपूर्ण खनिज, प्रवास, रक्षा, तकनीकी सहयोग और डिजिटल क्षेत्रों के बारे में बातचीत हुई।

मुख्य बिंदु 

  • इस शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने हिस्सा लिया।
  • पहला वर्चुअल समिट 2020 में आयोजित किया गया था।
  • इस शिखर सम्मेलन के बाद, सरकार के प्रमुखों के स्तर पर सालाना शिखर सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।

महत्वपूर्ण खनिज और निवेश क्षेत्र

महत्वपूर्ण खनन क्षेत्र में सहयोग के संबंध में खनिज बिदेश इंडिया लिमिटेड (KABIL) और ऑस्ट्रेलिया के क्रिटिकल मिनरल फैसिलिटेशन ऑफिस के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। फ्यूचर फंड के नाम से मशहूर ऑस्ट्रेलिया के पेंशन और सॉवरेन फंड और भारत के नेशनल इनवेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) के बीच सहयोग बढ़ाने की भी परिकल्पना की गई है। इस समझौते का उद्देश्य ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत के व्यापार को बढ़ाना भी है।

रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र

दोनों देशों द्वारा “जनरल विपिन रावत युवा रक्षा अधिकारी विनिमय कार्यक्रम” की घोषणा की गई है। इससे दोनों देशों के युवा अधिकारियों को एक-दूसरे से परिचित होने में मदद मिलेगी। 

प्रवास 

दोनों देशों के बीच एक आशय पत्र (letter of intent) पर भी हस्ताक्षर किए गए, जिसका उद्देश्य “Migration and Mobility Partnership Agreement” की दिशा में काम करना है। यह समझौता दोनों देशों के बीच प्रवास को सुविधाजनक बनाने में मदद करेगा।

डिजिटल और तकनीकी क्षेत्र

भारत द्वारा दोनों देशों की डिजिटल भुगतान प्रणालियों का एकीकरण प्रस्तावित किया गया है। यह भुगतान प्रणालियाँ भारत का का यूनाइटेड पेमेंट्स इंटरफ़ेस (UPI) और ऑस्ट्रेलिया का न्यू पेमेंट्स प्लेटफ़ॉर्म हैं। सिस्टम के एकीकरण से दोनों देशों और उनके संबंधित नागरिकों को मदद मिलेगी। 

निष्कर्ष

दोनों देश विभिन्न अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों जैसे कि जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचे के लिए गठबंधन, अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन, आदि पर सहयोग का विस्तार करने का प्रयास करेंगे।

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