भारत का स्वदेशी वैक्सीन ‘कोवाक्सिन’ है 81% प्रभावी : भारत बायोटेक

भारत बायोटेक के अनुसार इसके द्वारा विकसित कोरोनावायरस वैक्सीन ‘कोवाक्सिन’ तीसरे चरण में 81% प्रभावकारी सिद्ध हुआ है। गौरतलब है कि सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया की कोवीशील्ड वैक्सीन 70.4% प्रभावकारी है।

गौरतलब है कि इससे पहले कोवाक्सिन की प्रभावकारिता को लेकर काफी विवाद हुआ था। दरअसल, सरकार ने इमरजेंसी यूज़ ऑथराईजेशन के लिए सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया के कोवीशील्ड और भारत बायोटेक के कोवाक्सिन को मंज़ूरी दी थी।

मुख्य बिंदु

COVAXIN को भारतीय मेडिकल अनुसंधान परिषद (ICMR) के सहयोग से भारत बायोटेक द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है।

भारत बायोटेक

यह एक भारतीय बायोटेक्नोलॉजी कंपनी है, इसका मुख्यालय हैदराबाद में है। इसकी स्थापना 1996 में कृष्णा एला द्वारा की गयी थी। इस कंपनी में 700 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं।

भारत में टीकाकरण

भारत में कोविड-19 टीकाकरण का दूसरा चरण शुरू हो चुका है, दूसरे चरण के तहत, 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को टीका लगाया जाएगा।

  • इसके अलावा, दिशानिर्देशों के अनुसार, 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और रोगों से पीड़ित लोगो का टीकाकरण भी किया जाएगा।
  • लाभार्थी देश भर में 10,000 सरकारी और लगभग 20,000 निजी टीकाकरण केंद्रों पर अपना टीकाकरण करवा सकते हैं।

टीकाकरण की लागत कितनी है?

  • टीकाकरण अभियान सभी 10,000 सरकारी अस्पतालों में मुफ्त चलेगा।
  • लेकिन लाभार्थी को 20,000 निजी टीकाकरण केंद्रों पर अपना टीकाकरण कराने के लिए भुगतान करना होगा।स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा अभी तक टीकों का शुल्क तय नहीं किया गया है।

कोविड-19 टीकाकरण का पहला चरण

कोविड-19 टीकाकरण अभियान का पहला चरण 16 जनवरी, 2021 को शुरू किया गया था। यह अभियान पूरे देश में 3006 टीकाकरण केंद्रों पर शुरू किया गया था। पहले चरण में केवल स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन श्रमिकों का टीकाकरण शुरू किया गया था। चरण 1 के तहत, लगभग 1,26,71,163 लोगों को अब तक टीका की पहली खुराक दी गयी है। उनमें से, लगभग 14 लाख लोगों ने दूसरी खुराक भी प्राप्त की है। टीकाकरण अभियान में 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को भी शामिल किया गया है।

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