भारत में महिलाओं और MSMEs के लिए USAID, DFC और कोटक बैंक ने समझौते पर हस्ताक्षर किये

USAID (United States Agency for International Development) और USDFC (U.S. International Development Finance Corporation) कोटक महिंद्रा बैंक को 50 मिलियन डॉलर की ऋण पोर्टफोलियो गारंटी प्रायोजित कर रहे हैं।

मुख्य बिंदु 

  • भारत में महिला उधारकर्ताओं के साथ-साथ सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए वित्त की पहुंच का समर्थन करने के लिए इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे।
  • यह समझौता MSMEs को अपने व्यवसाय के पुनर्निर्माण और पैमाने पर मदद करेगा जो COVID-19 से प्रभावित हुए हैं।

ऋण कार्यक्रम

  • इस ऋण कार्यक्रम के तहत, कोटक महिंद्रा बैंक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (Non-Banking Financial Companies – NBFCs) को ऋण प्रदान करेगा जो MSME और माइक्रोफाइनेंस (Microfinance) क्षेत्र में काम कर रहे हैं।
  • यह अंतिम उधारकर्ताओं को ऋण प्रदान करने में मदद करेगा जो बदले में एक सतत और समावेशी आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा।
  • यह महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा क्योंकि लगभग 50% ऋण महिलाओं के नेतृत्व वाले या महिला-प्रबंधित MSMEs या उन MSMEs को दिया जाएगा जो महिलाओं के एक निश्चित प्रतिशत को रोजगार देते हैं।
  • इस कार्यक्रम से 30,000 से अधिक व्यक्तिगत महिला उधारकर्ताओं और 7,500 MSMEs फर्मों को लाभ होने की उम्मीद है।

कार्यक्रम के अन्य समर्थक

  • यह ऋण समझौता कार्यक्रम चेन्नई स्थित NBFC विवृति कैपिटल (Vivriti Capital)  द्वारा समर्थित है।
  • ऋण प्लेटफॉर्म CredAvenue द्वारा एक व्यापक विश्लेषणात्मक और सोर्सिंग सहायता प्रदान की जाएगी।

DFC

U.S. International Development Finance Corporation (DFC) अमेरिका का एक डेवलपमेंट बैंक है। यह आज विकासशील दुनिया के सामने आने वाली चुनौतियों के लिए वित्तीय समाधान प्रदान करने के लिए निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी करता है। यह स्वास्थ्य सेवा, ऊर्जा, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में निवेश करता है। यह छोटे व्यवसायों और महिला उद्यमियों को रोजगार सृजित करने के उद्देश्य से वित्तीय सहायता भी प्रदान करता है।

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