भारत सरकार ने ‘सहकारिता मंत्रालय’ (Ministry of Co-operation) का निर्माण किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने कैबिनेट फेरबदल से पहले 6 जुलाई, 2021 को एक नया “सहकारिता मंत्रालय” (Ministry of Cooperation) बनाने की घोषणा की।

मुख्य बिंदु

  • यह मंत्रालय भारत में सहकारी आंदोलन को मजबूत करने के लिए एक अलग प्रशासनिक, कानूनी और नीतिगत ढांचा प्रदान करेगा।
  • यह मंत्रालय ‘सहकार से समृद्धि’ के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए बनाया गया है।
  • यह मंत्रालय सहकारिताओं (cooperatives) के लिए व्यापार करने में आसानी के लिए प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने और बहु-राज्य सहकारी समितियों के विकास को सक्षम बनाने के लिए काम करेगा।
  • इस मंत्रालय के बनने से अब केंद्र सरकार के कुल 41 मंत्रालय हो जाएंगे।

पृष्ठभूमि

पीएम मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के 2019 में अपना दूसरा कार्यकाल शुरू करने के बाद पहला फेरबदल बड़े पैमाने पर होने की संभावना है। इसमें कई नए चेहरों को मंत्री बनाया जाएगा। सहकारिता के लिए अलग प्रशासनिक ढांचा स्थापित करने का प्रस्ताव सबसे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2021 में केंद्रीय बजट भाषण देते हुए रखा था। सहकार भारती (Sahakar Bharati) की ओर से भी राष्ट्रीय स्तर पर सहकारी क्षेत्र के लिए अलग मंत्रालय की मांग की गई थी।

मंत्रालयों के विलय की मांग

2014 से नौकरशाही पैनल की ओर से एक ही क्षेत्र से जुड़े मंत्रालयों के विलय की सिफारिशें की जा रही हैं।  पहले कार्यकाल में, पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने दो मंत्रालयों, शहरी विकास और आवास और शहरी गरीबी उन्मूलन को मिला दिया था और 2017 में एक नया मंत्रालय “शहरी मामलों का मंत्रालय” बनाया गया था।

मोदी सरकार के तहत दूसरा मंत्रालय 2.0

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के लिए सत्ता में आने के बाद 2019 के बाद से सहकारिता मंत्रालय बनाया जाने वाला दूसरा मंत्रालय है। 2019 में कार्यभार संभालने के बाद सरकार ने जल शक्ति मंत्रालय बनाया था। हालांकि, यह नए सहकारिता मंत्रालय से बिल्कुल अलग है। जल शक्ति मंत्रालय दो मौजूदा मंत्रालयों, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा कायाकल्प, और पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय को एकीकृत करके बनाया गया था। यह एकीकरण पीएम् मोदी के ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ (minimum government, maximum governance) के मंत्र के अनुरूप किया गया था।

Categories:

Tags: , , , , , ,

« »

Advertisement

Comments