महात्मा गांधी राष्ट्रीय फैलोशिप कार्यक्रम – मुख्य बिंदु

कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने हाल ही में भारत के सभी जिलों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय फैलोशिप (MGNF) कार्यक्रम शुरू किया है।

मुख्य बिंदु

  • यह कार्यक्रम पहले 69 जिलों में काम कर रहा था।
  • महात्मा गांधी राष्ट्रीय फैलोशिप के तहत फेलो को शैक्षणिक विशेषज्ञता और तकनीकी योग्यता प्राप्त होगी।
  • यह विशेषज्ञता उन्हें समग्र कौशल पारिस्थितिकी तंत्र को समझने में मदद करेगी।
  • यह फेलो को जिला कौशल समितियों से जुड़ने में भी मदद करेगी।
  • कौशल विकास मंत्रालय ने केरल के स्थानीय प्रशासन संस्थान के साथ भी हाथ मिलाया है ताकि तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी और लक्षद्वीप राज्यों के जिला अधिकारियों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रमों का संचालन किया जा सके।
  • कौशल प्रशिक्षण की समग्र गुणवत्ता को मजबूत करने की दिशा में दोनों के बीच साझेदारी अधिक केंद्रित होगी।
  • मंत्रालय ने इस बात पर प्रकाश डाला कि, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 0 की हालिया शुरूआत और SANKALP योजना के तहत IIT, IIM, KILA और GIZ-IGVET के साथ अन्य शैक्षणिक साझेदारियों से जिलों को सशक्त बनाने में मदद मिलेगी।

संकल्प योजना

SANKALP का अर्थ “Skills Acquisition and Knowledge Awareness for Livelihood Promotion” है। इस कार्यक्रम को विश्व बैंक ऋण द्वारा सहायता प्रदान की जा रही है। यह योजना जिला कौशल प्रशासन और जिला कौशल समितियों को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।

महात्मा गांधी राष्ट्रीय फैलोशिप (MGNF) कार्यक्रम

एमजीएनएफ दो साल का फेलोशिप प्रोग्राम है। इसे जिला स्तर पर कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। इसे संकल्प योजना के तहत डिजाइन किया गया है। जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कार्यक्रमों को लागू करने के लिए कर्मियों की अनुपलब्धता की चुनौती को संबोधित करने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई थी।

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